Imran Khan की सरकार गिराने के पीछे था अमेरिकी दबाव? लीक दस्तावेज़ से पाकिस्तान की राजनीति में मचा बवाल

Imran Khan की सरकार गिरने को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान की राजनीति गरमा गई है। एक कथित लीक हुए “साइफर” दस्तावेज़ ने पुराने विवाद को फिर जिंदा कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि इमरान खान की रूस और चीन के प्रति झुकाव वाली विदेश नीति से अमेरिका नाराज था और इसी के बाद पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन की पटकथा तैयार हुई। दरअसल, इमरान खान लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि अप्रैल 2022 में उनकी सरकार विदेशी साजिश के तहत गिराई गई थी। अब सामने आए कथित दस्तावेज़ को उनके समर्थक उसी दावे का सबसे बड़ा सबूत बता रहे हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दस्तावेज पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत Asad Majeed Khan और अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी Donald Lu के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड बताया जा रहा है। यह बातचीत उस समय हुई थी जब पाकिस्तान में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाने वाला था। दस्तावेज़ में कथित तौर पर कहा गया कि अगर इमरान खान सत्ता से हट जाते हैं तो “Washington सब माफ कर देगा” और दोनों देशों के रिश्ते सामान्य हो जाएंगे। इसी कथित टिप्पणी ने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। इमरान खान का आरोप रहा है कि उनकी स्वतंत्र विदेश नीति अमेरिका को पसंद नहीं थी। खासकर रूस और चीन के साथ बढ़ती नजदीकियां वॉशिंगटन के लिए चिंता का विषय बन गई थीं। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के दिन ही इमरान खान का मॉस्को दौरा पश्चिमी देशों को नागवार गुजरा था। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका चाहता था कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के लिए अपनी जमीन और एयरबेस उपलब्ध कराए, लेकिन इमरान खान सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हुई और अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिर गई। पाकिस्तान के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी प्रधानमंत्री को संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाया गया। इसके बाद से ही इमरान खान और उनकी पार्टी लगातार “विदेशी साजिश” का मुद्दा उठाते रहे हैं। हालांकि United States ने इन सभी आरोपों को हमेशा खारिज किया है। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि उसने कभी पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में दखल नहीं दिया। वहीं पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों का कहना है कि इमरान खान सरकार आर्थिक संकट, महंगाई और राजनीतिक विफलताओं की वजह से गिरी थी, न कि किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश के कारण। लेकिन इस नए लीक दस्तावेज़ के सामने आने के बाद पाकिस्तान में बहस फिर तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या वास्तव में सत्ता परिवर्तन के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय दबाव था? क्या पाकिस्तान की राजनीति में विदेशी ताकतों की भूमिका रही है? और क्या इस विवाद से अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों में नया तनाव पैदा हो सकता है? फिलहाल इस पूरे मामले ने पाकिस्तान की राजनीति, सेना और विदेश नीति को लेकर कई पुराने सवाल फिर सामने ला दिए हैं। इमरान खान समर्थक इसे सच का खुलासा बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे केवल राजनीतिक नैरेटिव करार दे रहे हैं। रिपोर्ट में फिलहाल इतना ही… बाकी खबरें पढ़ते रहिए Journalist India।

 

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