Kapkot News : कपकोट विधानसभा की 100 बड़ी विकास योजनाएं: सड़क, पुल, पानी, बिजली, शिक्षा और रोजगार से बदल रही तस्वीर

बागेश्वर के कपकोट में विकास का नया रोडमैप, विधायक सुरेश गढ़िया के प्रयासों से जुड़ी परियोजनाओं में कनेक्टिविटी से लेकर पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार तक का विस्तार

Kapkot News : उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की सबसे बड़ी चुनौती केवल धन की उपलब्धता नहीं, बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों के बीच योजनाओं को धरातल तक पहुंचाना है। दुर्गम गांव, ऊंचे पहाड़, नदी-नाले, बरसात और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां यहां सड़क, पुल, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।

ऐसे में बागेश्वर की कपकोट विधानसभा पिछले कुछ वर्षों में लगातार विकास परियोजनाओं के कारण चर्चा में रही है। क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढ़िया विधानसभा क्षेत्र को प्रदेश की अग्रणी विधानसभा बनाने का लक्ष्य कई बार सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुके हैं। पिछले वर्षों में उन्होंने कहा था कि उनका लक्ष्य हर गांव तक बेहतर सड़क सुविधा पहुंचाना और कपकोट को “सशक्त कपकोट, समृद्ध कपकोट” बनाना है।

विकास की इस तस्वीर में सबसे बड़ा हिस्सा सड़क और पुलों के साथ पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक फैलता दिखाई दे रहा है।

जर्नलिस्ट इंडिया की इस रिपोर्ट में कपकोट विधानसभा से जुड़ी 100 प्रमुख विकास योजनाओं और विकास कार्यों को इस तरह समझा जा सकता है।

  1. कपकोट की ₹17.04 करोड़ की वृहद पेयजल योजना

कपकोट नगर के लिए ₹17.04 करोड़ की वृहद पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण शुरू हुआ है। 3.31 एमएलडी क्षमता वाली इस योजना को वर्ष 2055 की अनुमानित 19,367 आबादी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और नगर के सातों वार्डों को इससे लाभ मिलने की बात सामने आई है। विधायक सुरेश गढ़िया ने इसका भूमिपूजन किया।

  1. अमृत 2.0 पेयजल परियोजना

कपकोट नगर में अमृत 2.0 के तहत पेयजल ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है। इसका उद्देश्य बढ़ती आबादी के अनुरूप दीर्घकालिक पेयजल व्यवस्था तैयार करना है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे करीब 18 करोड़ रुपये की परियोजना के रूप में भी बताया गया है।

  1. शामा ग्राम समूह पेयजल योजना

शामा क्षेत्र और आसपास के गांवों के लिए ग्राम समूह पेयजल योजना को बड़ी ग्रामीण जल परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य दूरस्थ गांवों में नियमित पेयजल उपलब्धता बढ़ाना है।

  1. कपकोट नगर के सात वार्डों को पेयजल लाभ

नई पंपिंग योजना का एक बड़ा पहलू यह है कि कपकोट नगर के सभी सात वार्डों को इसका लाभ देने की योजना है। इससे भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए पेयजल संकट से निपटने की कोशिश है।

  1. ग्रामीण नल-जल योजनाओं का विस्तार

कपकोट विधानसभा के दूरस्थ गांवों में पेयजल योजनाओं का विस्तार विकास एजेंडे का प्रमुख हिस्सा है। पर्वतीय क्षेत्रों में घर तक पानी पहुंचाना महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए सीधे जीवन-स्तर से जुड़ा मुद्दा है।

सड़क और कनेक्टिविटी की 30 बड़ी परियोजनाएं

कपकोट विधानसभा के विकास में सबसे बड़ा जोर सड़क संपर्क पर दिखाई देता है। 2024 के एक कार्यक्रम में ही कपकोट क्षेत्र से जुड़ी कई सड़क और पुल परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ था।

  1. कांडा-सानिउडियार-रावतसेरा मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण

इस महत्वपूर्ण मोटर मार्ग के सुधारीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए ₹22.94 करोड़ से अधिक की परियोजना का शिलान्यास किया गया।

  1. बागेश्वर-कपकोट-तेजम मोटर मार्ग

बागेश्वर-कपकोट-तेजम मार्ग क्षेत्र की महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लाइफलाइन है। इसके विभिन्न हिस्सों में सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य किए जा रहे हैं।

  1. असों-बेड़ा पाखड़-दोफाड़ मार्ग

इस मार्ग पर सुधारीकरण और डामरीकरण का कार्य भी स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल रहा है।

  1. चीराबगड़-पोथिंग मोटर मार्ग

चीराबगड़ से पोथिंग मोटर मार्ग के लिए ₹7.68 करोड़ से अधिक की परियोजना का शिलान्यास किया गया।

  1. भ्यूं-गुलेर मोटर मार्ग

भ्यूं-गुलेर मोटर मार्ग के लिए ₹6.61 करोड़ से अधिक की परियोजना दर्ज है।

  1. भ्यूं-गड़ेरा मोटर मार्ग

भ्यूं-गड़ेरा मोटर मार्ग के लिए ₹9.27 करोड़ से अधिक का कार्य दर्ज है।

  1. खंडलेख-भनार मोटर मार्ग

खंडलेख-भनार मोटर मार्ग के उच्चीकरण के लिए करीब ₹5.42 करोड़ की परियोजना दर्ज है।

  1. कपकोट-पिंडारी-रिखाड़ी-वाछम मोटर मार्ग

इस महत्वपूर्ण मार्ग के लिए ₹15.91 करोड़ से अधिक का कार्य दर्ज हुआ है। पिंडारी क्षेत्र की दृष्टि से यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कनेक्टिविटी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

  1. कमेड़ी देवी-स्यांकोट मोटर मार्ग

इस मार्ग के लिए करीब ₹6.87 करोड़ की परियोजना दर्ज है।

  1. दूणी-सुकुंडा मोटर मार्ग

दूणी-सुकुंडा मोटर मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण का कार्य भी विकास परियोजनाओं में शामिल है। 2025 में इसी मार्ग के आगे शोभाकुंड तक विस्तार के लिए ₹1.26 करोड़ का कार्य शुरू हुआ।

  1. पोथिंग मोटर मार्ग का विस्तार

पोथिंग से तोली तक मार्ग विस्तार के लिए ₹1.71 करोड़ की परियोजना का भूमि पूजन 2025 में किया गया।

  1. लीती-गोगिना मोटर मार्ग

लीती-गोगिना मोटर मार्ग के सुधार के लिए करीब ₹3 करोड़ की परियोजना का भूमि पूजन किया गया।

  1. हरसीला-पुढ़कुनी मोटर मार्ग

वन टाइम मेंटिनेंस योजना के तहत इस मार्ग के लिए ₹2.59 करोड़ से अधिक स्वीकृत किए गए।

  1. रीठाबगड़-हरसिंगियाबगड़-शामा-नौकोड़ी मार्ग

इस सड़क के लिए ₹2.32 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत हुई।

  1. बागेश्वर-कपकोट मार्ग से लीली तक सड़क

बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग के किलोमीटर 18 से लीली तक कार्य के लिए ₹1.65 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत हुई।

  1. रिखाड़ी-बाछम मोटर मार्ग

इस मार्ग के लिए ₹2.18 करोड़ से अधिक स्वीकृत हुए।

  1. कपकोट-पोलिंग-हरसीला मार्ग

कपकोट-पोलिंग-हरसीला मार्ग क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।

  1. खड़लेख-भनार मार्ग का उच्चीकरण

खंडलेख-भनार मार्ग के विभिन्न चरणों में उच्चीकरण कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। 2024 के शिलान्यास में भी इस मार्ग के लिए ₹4.92 करोड़ से अधिक का कार्य दर्ज हुआ था।

  1. बेड़ा पाकड़ मोटर मार्ग

बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग से बेड़ा पाकड़ मार्ग के उच्चीकरण के लिए ₹5 करोड़ से अधिक की परियोजना दर्ज हुई।

  1. धरमघर-सनगाड़ मोटर मार्ग

धरमघर-सनगाड़ मोटर मार्ग के उच्चीकरण के लिए करीब ₹3.88 करोड़ का कार्य दर्ज है।

  1. चौरा-कमद-पढ़ाई-बांसतोली मोटर मार्ग

राज्य योजना के तहत इस मार्ग के निर्माण की दिशा में कार्य शुरू किया गया।

  1. सेनती-बैकोड़ी-सनगाड़ संपर्क

सेनती-बैकोड़ी मार्ग को सनगाड़ तक विस्तार देने की दिशा में स्वीकृति की जानकारी सामने आई थी।

  1. दूणी-सुकुंडा से शोभाकुंड

2025 में ₹1.26 करोड़ से शोभाकुंड तक मार्ग विस्तार का काम शुरू हुआ।

  1. पोथिंग-तोली सड़क

पोथिंग से तोली तक ₹1.71 करोड़ की परियोजना भी इसी कनेक्टिविटी विस्तार का हिस्सा है।

  1. टिटोली-पाली चौक ग्रामीण मोटर मार्ग

सीएम ग्राम संपर्क योजना के तहत 1.7 किलोमीटर लंबे टिटोली-पाली चौक मार्ग के लिए ₹4.31 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिली।

  1. कलनाबैंड-पंतक्वैराली हाईस्कूल मार्ग

कपकोट विधानसभा के दो नए मोटर मार्गों के प्रथम चरण के लिए 2026 में कुल ₹18.98 लाख की स्वीकृति मिली, जिसमें कलनाबैंड से पंतक्वैराली हाईस्कूल तक 3.50 किमी मार्ग भी शामिल है।

  1. खातीगांव लिंक मोटर मार्ग

कांडा-सानिउडियार-रावतसेरा सड़क से खातीगांव तक लिंक मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण और सुधारीकरण को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिली।

  1. कांडा-मनतोली सड़क

कांडा-मनतोली सड़क के अवशेष हिस्से में डामरीकरण की स्वीकृति दी गई।

  1. वन टाइम मेंटिनेंस पैकेज

कपकोट विधानसभा की सड़कों के लिए ₹9.11 करोड़ से अधिक का वन टाइम मेंटिनेंस पैकेज स्वीकृत हुआ। इसमें डामरीकरण और सुधारीकरण जैसे काम शामिल हैं।

  1. आपदा के बाद सड़क बहाली

अतिवृष्टि के दौरान पोथिंग-चीराबगड़ मार्ग क्षतिग्रस्त होने पर विधायक सुरेश गढ़िया ने स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल मार्ग खोलने और वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए।

पुल और सेतु: गांवों को जोड़ने वाली 15 बड़ी परियोजनाएं

  1. गुंठी नाले पर 42 मीटर पैदल सेतु

खेमिला को गुंठी और नामतीचेटाबगड़ से जोड़ने के लिए 42 मीटर स्पान स्टील गर्डर पैदल सेतु का निर्माण हुआ। लागत करीब ₹1.92 करोड़ दर्ज है।

  1. सोराग में 63 मीटर पुल

सोराग के किलोमीटर नौ में 63 मीटर स्पान ब्रिज का निर्माण हुआ।

  1. भ्यूं-गुलेर से गुलम-परगड़ पुल

इस मार्ग पर 42 मीटर स्टील गर्डर पुल की परियोजना करीब ₹2.60 करोड़ की है।

  1. मुनार-गासी स्टील गर्डर पुल

मुनार-गासी मोटर मार्ग पर करीब ₹4.79 करोड़ का स्टील गर्डर पुल दर्ज है।

  1. मिखिला-खलपट्टा स्टील पुल

इस मार्ग पर करीब ₹2.80 करोड़ की पुल परियोजना दर्ज हुई।

  1. रिखाड़ी-बाछम-खाती पुल

इस मार्ग पर करीब ₹2 करोड़ का स्टील गर्डर पुल दर्ज है।

  1. रेखाड़ी-बाछम-सोराग पुल

इस मार्ग पर करीब ₹4.10 करोड़ का स्टील गर्डर पुल दर्ज हुआ।

  1. शंभू नदी-बदियाकोट-कुंवारी पुल

इस परियोजना के लिए करीब ₹2.44 करोड़ दर्ज हैं।

  1. बदियाकोट-बोरबलड़ा स्टील गर्डर पुल

इस मार्ग पर करीब ₹1.31 करोड़ का पुल दर्ज हुआ।

  1. बदियाकोट-बोरबलड़ा दूसरा पुल कार्य

इसी मार्ग पर एक अन्य पुल के लिए करीब ₹2.01 करोड़ का कार्य दर्ज है।

  1. मुनार-गासी मार्ग पर पुल से संपर्क मजबूत

मुनार-गासी क्षेत्र में सड़क के साथ पुल निर्माण से दुर्गम क्षेत्र की आवाजाही को स्थायी बनाने का प्रयास हुआ है।

  1. पुलों से पिंडर घाटी की कनेक्टिविटी

रिखाड़ी-बाछम, खाती, सोराग और बदियाकोट क्षेत्र में पुल परियोजनाएं पिंडर घाटी के गांवों के संपर्क को बेहतर बनाने वाली महत्वपूर्ण कड़ियां हैं।

  1. नदी-नालों पर स्थायी संपर्क

पर्वतीय क्षेत्र में पुलों का निर्माण केवल आवागमन नहीं बल्कि स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने से भी जुड़ा है।

  1. बरसात में संपर्क बनाए रखने की कोशिश

भारी बारिश में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वैकल्पिक संपर्क और तत्काल मरम्मत को प्राथमिकता देने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।

  1. पुलों का पर्यटन से संबंध

पिंडारी और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों तक बेहतर सड़क और पुल संपर्क स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

बिजली की 5 बड़ी पहल

  1. सरयू वैली विद्युत सब-स्टेशन

कपकोट विधानसभा के सरयू वैली और शामा क्षेत्र के लिए ₹6.54 करोड़ का नया विद्युत सब-स्टेशन स्वीकृत हुआ है। पहली किस्त के रूप में ₹2 करोड़ जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

  1. लो-वोल्टेज की समस्या से राहत

नए सब-स्टेशन का उद्देश्य सरयू वैली और शामा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या को कम करना है।

  1. ग्रामीण बिजली आपूर्ति मजबूत करना

नया विद्युत ढांचा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक स्थिर बिजली आपूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  1. छोटे उद्योगों और होमस्टे को ऊर्जा आधार

बेहतर बिजली आपूर्ति से स्थानीय छोटे उद्योगों और होमस्टे जैसी गतिविधियों को भी फायदा मिलने की संभावना जताई गई है।

  1. शामा क्षेत्र को ऊर्जा मजबूती

शामा जैसे दूरस्थ क्षेत्र के लिए बिजली की स्थिर आपूर्ति शिक्षा, संचार और स्थानीय व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है।

शिक्षा और तकनीकी शिक्षा की 10 बड़ी पहल

  1. राजकीय पॉलीटेक्निक भवन

कपकोट में राजकीय पॉलीटेक्निक भवन निर्माण की परियोजना युवाओं को तकनीकी शिक्षा के स्थानीय अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

  1. असों इंटर कॉलेज में विज्ञान शिक्षा

असों इंटर कॉलेज में विज्ञान विषयों और भवन से जुड़ी करीब ₹3.02 करोड़ की परियोजना शिक्षा क्षेत्र की बड़ी पहल है।

  1. ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए विज्ञान शिक्षा

विज्ञान शिक्षा की सुविधा बढ़ने से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आगे की तकनीकी और उच्च शिक्षा के लिए आधार मिल सकता है।

  1. विद्यालय भवन और कक्ष निर्माण

ग्रामीण स्कूलों में कक्षा-कक्ष और भवन संबंधी सुविधाओं को मजबूत करने के कार्य विकास एजेंडे में शामिल हैं।

  1. प्राथमिक विद्यालयों का आधारभूत ढांचा

कपकोट क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में भवन, कक्ष और आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी काम हुआ है।

  1. विद्यालयों में मरम्मत कार्य

पुराने स्कूल भवनों की मरम्मत और आधारभूत सुविधाओं का सुधार विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करता है।

  1. डिजिटल और आधुनिक शिक्षा की जरूरत

कपकोट जैसे दुर्गम क्षेत्र में इंटरनेट और डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाना शिक्षा विकास की अगली बड़ी चुनौती है।

  1. रिक्त शिक्षकों के पद भरने की मांग

2026 में बघर क्षेत्र के ग्रामीणों ने शिक्षा में रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग विधायक के सामने रखी, जिससे यह मुद्दा अभी भी क्षेत्र के शिक्षा एजेंडे का हिस्सा दिखाई देता है।

  1. तकनीकी शिक्षा से रोजगार

पॉलीटेक्निक जैसी संस्थाएं स्थानीय युवाओं को तकनीकी कौशल देकर पलायन कम करने की दिशा में भूमिका निभा सकती हैं।

  1. शिक्षा को विकास का आधार

कपकोट को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में देश में 34वीं रैंक मिलने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और सामाजिक विकास में सुधार को इसका आधार बताया गया।

स्वास्थ्य क्षेत्र की 8 बड़ी पहल

  1. कपकोट सीएचसी में 20 बेड

कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 20-बेड सुविधा का विस्तार ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

  1. पब्लिक हेल्थ यूनिट

कपकोट में पब्लिक हेल्थ यूनिट की शुरुआत से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

  1. उद्यमस्थल पीएचसी का उच्चीकरण

उद्यमस्थल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 20-बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव विधानसभा रिकॉर्ड में दर्ज है।

  1. ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

बघर क्षेत्र के ग्रामीणों ने 2026 में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग भी विधायक के सामने रखी।

  1. स्वास्थ्य सेवाओं तक सड़क संपर्क

दूरस्थ गांवों के लिए सड़क निर्माण का एक बड़ा लाभ स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच में मिलता है।

  1. आपदा के समय स्वास्थ्य व्यवस्था

कपकोट की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस पहुंच को मजबूत करना विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  1. स्वास्थ्य शिविर

सरकारी कार्यक्रमों में स्वास्थ्य शिविरों के जरिए ग्रामीणों की जांच और प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं।

  1. अंतिम छोर तक स्वास्थ्य

विधायक की ओर से विधानसभा के अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कही गई है, जिसमें स्वास्थ्य भी प्रमुख क्षेत्र है।

पर्यटन और धार्मिक विकास की 8 बड़ी योजनाएं

  1. चार मंदिरों का सौंदर्यीकरण

कांडा सिमकुना घटवरिया मंदिर, नंदा देवी मंदिर दोफाड़, अलखनाथ मंदिर किलपारा और बज्यैण मंदिर ढाई ईजर के सौंदर्यीकरण के लिए करीब ₹1.58 करोड़ की परियोजना दर्ज है।

  1. एजेंडी बुबू मंदिर विकास

एजेंडी बुबू मंदिर के विकास के लिए करीब ₹97.20 लाख की परियोजना सामने आई है।

  1. मानसखंड मंदिर माला मिशन

कपकोट विधानसभा के पौराणिक धार्मिक स्थलों को मानसखंड मंदिर माला मिशन से जोड़ने की दिशा में पहल हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों में विधायक की पैरवी के बाद कई मंदिरों के लिए वित्तीय स्वीकृति की जानकारी दी गई है।

  1. पिंडारी क्षेत्र का पर्यटन

कपकोट-पिंडारी क्षेत्र की सड़क और पुल परियोजनाओं को पर्यटन विकास से भी जोड़ा जा सकता है।

  1. साहसिक पर्यटन

कपकोट में रिवर क्रॉसिंग, माउंटेनिंग, एमटीबी और अन्य साहसिक गतिविधियों का प्रदर्शन भी सरकारी कार्यक्रमों में हुआ है।

  1. होमस्टे की संभावना

दूरस्थ गांवों में सड़क और बिजली सुविधा बढ़ने से होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन के विस्तार की संभावनाएं बढ़ती हैं।

  1. धार्मिक पर्यटन सर्किट

मंदिरों के सौंदर्यीकरण और सड़क संपर्क को जोड़कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सकता है।

  1. स्थानीय हस्तशिल्प और संस्कृति

कपकोट के विभिन्न घाटियों के हस्तशिल्प और हस्तकला उत्पादों को सरकारी कार्यक्रमों में प्रदर्शित किया गया है।

कृषि, पशुपालन, मत्स्य और रोजगार की 8 बड़ी पहल

  1. ट्राउट क्लस्टर

कपकोट में ट्राउट मत्स्य पालन को क्लस्टर मॉडल के जरिए बढ़ावा देने की पहल हुई है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार की संभावना बनती है।

  1. पशुपालन में तकनीकी सहयोग

2026 में पशु सखी योजना के तहत मोबाइल फोन वितरण किया गया, जिसका उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र में तकनीकी सहायता को मजबूत करना है।

  1. स्वयं सहायता समूहों को सहयोग

रिप परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को ₹22 लाख से अधिक के चेक वितरित किए गए।

  1. कृषि यंत्र और बीज वितरण

सरकारी कार्यक्रमों में किसानों को कृषि यंत्र, उपकरण और बीज आदि उपलब्ध कराने की गतिविधियां हुई हैं।

  1. उद्यान और बागवानी

जिला योजना में उद्यान क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण बजट रखा गया है, जिसका लाभ पर्वतीय कृषि और बागवानी अर्थव्यवस्था को मिल सकता है।

  1. दुग्ध उत्पादन

पर्वतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में दुग्ध उत्पादन को आय के वैकल्पिक स्रोत के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में योजनाएं चल रही हैं।

  1. स्वरोजगार योजनाओं का विस्तार

सरकारी शिविरों में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और होमस्टे जैसी स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी जाती रही है।

  1. महिला स्वयं सहायता समूह

महिला समूहों को चेक और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

खेल, युवा और सामाजिक विकास की 5 पहल

  1. ग्रामीण खेल सुविधाएं

कपकोट क्षेत्र में युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार विकास एजेंडे का हिस्सा है।

  1. मिनी स्टेडियम की मांग

बघर क्षेत्र के ग्रामीणों ने 2026 में मिनी स्टेडियम की मांग विधायक के सामने रखी, जिससे खेल ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता सामने आती है।

  1. साहसिक खेल

रिवर क्रॉसिंग, एमटीबी, एटीवी और माउंटेनिंग जैसी गतिविधियों से कपकोट में साहसिक पर्यटन और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

  1. दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण

2026 के सरकारी कार्यक्रम में आठ दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन के लिए सहायक उपकरण दिए गए।

  1. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच

सरकारी शिविरों में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और अन्य पेंशन योजनाओं के आवेदन भरवाने की व्यवस्था की गई।

आपदा प्रबंधन और सुरक्षा की 6 बड़ी पहल

  1. सरयू नदी बाढ़ सुरक्षा योजना

कपकोट में करीब ₹12 करोड़ की सरयू नदी बाढ़ सुरक्षा योजना के उद्घाटन की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य नदी के आसपास के क्षेत्रों को बाढ़ के खतरे से सुरक्षा देना है।

  1. पोथिंग-चीराबगड़ आपदा मार्ग बहाली

अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पोथिंग-चीराबगड़ मार्ग के तत्काल पुनर्संचालन और वैकल्पिक मार्ग के निर्देश दिए गए।

  1. सौंग-मुनार मार्ग की आपदा मरम्मत

भारी बारिश के दौरान सौंग-मुनार मार्ग के अवरुद्ध होने पर विधायक सुरेश गढ़िया ने निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए।

  1. वनाग्नि रोकथाम के लिए ग्रामसभा प्रोत्साहन

जिन ग्राम सभाओं के आसपास जंगल में वनाग्नि की घटना नहीं होगी, उन्हें ₹1 लाख प्रोत्साहन देने की घोषणा की गई थी।

  1. आपदा के समय वैकल्पिक संपर्क

कपकोट जैसे पर्वतीय क्षेत्र में मुख्य सड़क बंद होने पर वैकल्पिक मार्ग तैयार करना भी आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विधायक सुरेश गढ़िया ने आपदा प्रभावित मार्गों के मामले में अधिकारियों को वैकल्पिक संपर्क की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

  1. निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी

कपकोट विधायक ने कहा था कि उनकी विधानसभा में पिछले साढ़े 4 वर्षों में विकास के लिए 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत हुई है और सड़क, डामरीकरण तथा पेयजल योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता होने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और जनता से भी निर्माण कार्यों की निगरानी करने की अपील की।

100 योजनाओं से सामने आती कपकोट की विकास तस्वीर

कपकोट विधानसभा की इन 100 विकास परियोजनाओं और कार्यों को अगर एक साथ देखा जाए तो तस्वीर केवल सड़क निर्माण की नहीं है। यहां विकास का दायरा सड़क से पुल, पुल से पानी, पानी से बिजली, बिजली से शिक्षा, शिक्षा से रोजगार और रोजगार से पर्यटन तक फैलता दिखाई देता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विकास की जरूरतें अलग-अलग घाटियों और गांवों में अलग हैं। कहीं सड़क पहली आवश्यकता है तो कहीं पुल। किसी गांव के लिए पेयजल सबसे बड़ा मुद्दा है तो किसी क्षेत्र के लिए बिजली और नेटवर्क। कहीं स्कूल में शिक्षक चाहिए तो कहीं स्वास्थ्य केंद्र को मजबूत करने की जरूरत है।

इसीलिए कपकोट का विकास मॉडल एक ही योजना पर आधारित नहीं है.

कांडा से पिंडर घाटी तक

कांडा-सानिउडियार-रावतसेरा जैसे मार्गों से लेकर पिंडारी-रिखाड़ी-वाछम क्षेत्र तक सड़क परियोजनाएं विधानसभा के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।

2024 के बड़े कार्यक्रम में ही कपकोट विधानसभा से जुड़ी 37 योजनाओं में 11 योजनाओं का लोकार्पण और 26 योजनाओं का शिलान्यास हुआ था। इनकी कुल लागत ₹99.7648 करोड़ थी।

पानी पर बढ़ा फोकस

कपकोट नगर के लिए ₹17.04 करोड़ की 3.31 एमएलडी पंपिंग योजना इस बात का उदाहरण है कि अब विकास केवल सड़क तक सीमित नहीं है। योजना को 2055 की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

बिजली की नई ताकत

सरयू वैली और शामा क्षेत्र में ₹6.54 करोड़ के नए सब-स्टेशन को मंजूरी मिलना भी महत्वपूर्ण है। इससे लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या को कम करने का लक्ष्य है।

शिक्षा और स्वास्थ्य

पॉलीटेक्निक, असों इंटर कॉलेज में विज्ञान शिक्षा, स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और 20-बेड सुविधाओं जैसी परियोजनाएं यह संकेत देती हैं कि विकास को मानव संसाधन और सामाजिक बुनियादी ढांचे से भी जोड़ने की कोशिश है।

रोजगार का सवाल

कपकोट के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक पलायन और स्थानीय रोजगार है। ट्राउट, पशुपालन, कृषि, बागवानी, होमस्टे, पर्यटन और स्वयं सहायता समूह इस चुनौती का स्थानीय समाधान बनने की क्षमता रखते हैं।

2026 में स्वयं सहायता समूहों को ₹22 लाख से अधिक के चेक वितरित किए जाने और पशु सखी योजना में तकनीकी सहायता दिए जाने की जानकारी भी सामने आई।

पर्यटन बन सकता है नया इंजन

पिंडारी ग्लेशियर, धार्मिक स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक गतिविधियां कपकोट की बड़ी ताकत हैं। यदि सड़क, बिजली, इंटरनेट, पार्किंग, होमस्टे और पर्यटन सुविधाएं एक साथ विकसित होती हैं तो पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बन सकता है।

विधायक सुरेश गढ़िया के सामने अब अगली चुनौती

कपकोट में योजनाओं और स्वीकृतियों की संख्या बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन किसी भी विकास मॉडल की असली परीक्षा योजना की घोषणा नहीं, बल्कि उसका समय पर पूरा होना और जनता तक उसका वास्तविक लाभ पहुंचना है।

सड़क बनती है तो उसकी गुणवत्ता और बरसात में टिकाऊपन महत्वपूर्ण है। पुल बनता है तो उसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है। पेयजल योजना बनती है तो नियमित आपूर्ति महत्वपूर्ण है। सब-स्टेशन बनता है तो बिजली कटौती वास्तव में कम होनी चाहिए। स्कूल का भवन बनता है तो शिक्षक और शिक्षा की गुणवत्ता भी उतनी ही जरूरी है।

यही कारण है कि खुद विधायक सुरेश गढ़िया ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की बात कही है।

“सशक्त कपकोट, समृद्ध कपकोट” की दिशा में कितना आगे बढ़ा क्षेत्र?

विधायक सुरेश गढ़िया ने कई मौकों पर कपकोट विधानसभा को प्रदेश की अग्रणी विधानसभा बनाने का लक्ष्य दोहराया है। 2025 में बदियाकोट में जनसंवाद के दौरान उन्होंने कहा था कि विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों और योजनाओं का लाभ हर वर्ग तथा गांव के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है।

नीति आयोग की आकांक्षी ब्लॉक रैंकिंग में कपकोट को देश में 34वां स्थान मिलने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। रिपोर्ट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में प्रगति का उल्लेख किया गया।

पहाड़ के विकास की नई तस्वीर

कपकोट विधानसभा की 100 योजनाओं और विकास कार्यों की यह तस्वीर बताती है कि क्षेत्र का विकास अब बहुआयामी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

सड़कें गांवों को जोड़ रही हैं।

पुल नदी-नालों की बाधा खत्म कर रहे हैं।

पेयजल योजनाएं भविष्य की आबादी को ध्यान में रख रही हैं।

नया विद्युत सब-स्टेशन बिजली व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश है।

पॉलीटेक्निक युवाओं को तकनीकी शिक्षा का अवसर दे रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार ग्रामीणों की जरूरत पूरी करने की दिशा में है।

मंदिर और पर्यटन योजनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई संभावना दे रही हैं।

ट्राउट, पशुपालन, कृषि और होमस्टे रोजगार के विकल्प बन सकते हैं।

और आपदा प्रबंधन की योजनाएं पहाड़ी जीवन की सबसे बड़ी चुनौती से लड़ने का प्रयास हैं।

कपकोट की विकास यात्रा अभी पूरी नहीं हुई है। बल्कि इन परियोजनाओं के बाद अगला चरण और ज्यादा महत्वपूर्ण होगा. स्वीकृत योजनाओं को समय पर पूरा करना, निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखना और विकास का लाभ विधानसभा के अंतिम गांव और अंतिम परिवार तक पहुंचाना।

अगर यह लक्ष्य हासिल होता है तो कपकोट केवल विकास योजनाओं की संख्या में नहीं, बल्कि पहाड़ में टिकाऊ और जनकेंद्रित विकास के मॉडल के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है।

कपकोट का सवाल अब सिर्फ इतना नहीं है कि कितनी योजनाएं आईं-सवाल यह है कि इन 100 योजनाओं से आम आदमी की जिंदगी कितनी बदली। यही आने वाले समय में इस विकास यात्रा की सबसे बड़ी कसौटी होगी।

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