Agniveer Scheme New Rules: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब चार साल की सेवा पूरी करने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलेगा। इसके बाद नियमित सैनिक बनने का रास्ता भी खुलेगा। जानिए नए नियम, वेतन और किन अग्निवीरों को होगा फायदा।
भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना में बदलाव को मंजूरी दे दी है। 4 नवंबर 2026 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की जानकारी दी।
सरकार के नए फैसले के तहत अब चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने पर नियमित सैनिक के रूप में शामिल हो सकेंगे।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य अग्निवीरों की आकांक्षाओं और सशस्त्र बलों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
अग्निपथ योजना में क्या बदलाव हुआ?
अग्निपथ योजना को जून 2022 में शुरू किया गया था। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किया जाता है।
पुरानी व्यवस्था में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाना था। बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त होना पड़ता था।
अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए शेष 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया है।
पुरानी और नई व्यवस्था में अंतर

विषय पुरानी व्यवस्था नई व्यवस्था
शुरुआती सेवा अवधि 4 साल 4 साल
पहले 25% अग्निवीर मेरिट पर नियमित सेवा पहले की तरह नियमित सेवा
शेष 75% अग्निवीर 4 साल बाद सेवा समाप्त 2 साल अतिरिक्त सेवा का अवसर
कुल संभावित सेवा 4 साल 6 साल
नियमित सैनिक बनने का अवसर मुख्य रूप से 25% तक अतिरिक्त सेवा के बाद इच्छुक अग्निवीरों को भी अवसर
नई व्यवस्था में नियमित सेवा में शामिल होना स्वतः सुनिश्चित नहीं होगा। इसके लिए अग्निवीरों को अपनी इच्छा के साथ निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना होगा।
किन अग्निवीरों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
सरकार के इस फैसले से सबसे अधिक फायदा उन अग्निवीरों को होगा, जो अपनी चार साल की सेवा पूरी करने के बाद दिसंबर 2026 के आसपास सशस्त्र बलों से बाहर होने वाले थे।
नई व्यवस्था के तहत इन अग्निवीरों को दो साल और देश की सेवा करने का मौका मिलेगा।
इन अग्निवीरों को मिलेगा फायदा:
- चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीर।
- पहले 25 फीसदी मेरिट सूची में नियमित सेवा के लिए चयनित नहीं हुए अग्निवीर।
- वे अग्निवीर जो अतिरिक्त दो साल की सेवा के लिए इच्छुक होंगे।
- निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीर, जिन्हें आगे नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा।
रिपोर्टों के मुताबिक, अग्निवीरों के पहले बैच के लगभग 18,300 जवान दिसंबर 2026 तक चार साल की सेवा पूरी कर बाहर होने वाले थे। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पहले बैच के जवानों की सेवा अवधि समाप्त होने वाली है।
क्या अब सभी अग्निवीर स्थायी सैनिक बन सकेंगे?
यह इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
सरकार के अनुसार, पहले 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। शेष 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि दी जाएगी।
इस अतिरिक्त सेवा अवधि के बाद सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा, बशर्ते वे निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करें।
इसका मतलब यह है कि अब नियमित सैनिक बनने का अवसर केवल शुरुआती 25 फीसदी तक सीमित नहीं रहेगा। हालांकि, सभी अग्निवीरों को स्थायी नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है। चयन के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।
दो साल के एक्सटेंशन में कितना मिलेगा वेतन?
सरकार ने अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी का भी प्रावधान किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, अतिरिक्त सेवा के पहले वर्ष में अग्निवीरों को लगभग 43,500 रुपये और दूसरे वर्ष में लगभग 47,500 रुपये वेतन दिया जाएगा।
इसके अलावा दूसरी सेवा अवधि में अग्निवीरों को बढ़ी हुई सेवा निधि (Seva Nidhi) और वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी दिए जाएंगे।
हालांकि, इन लाभों का विस्तृत स्वरूप संबंधित रक्षा बलों की लागू नियमावली और आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होगा।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अग्निपथ योजना के चार साल पूरे होने के बाद अग्निवीरों के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
इस मूल्यांकन में अग्निवीरों के कौशल, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, प्रेरणा और तकनीकी क्षमता को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई।
सरकार का मानना है कि अग्निवीरों को अतिरिक्त सेवा का अवसर देने से सशस्त्र बलों को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों का लाभ मिलेगा। साथ ही युवाओं को भी सेना में लंबे समय तक सेवा करने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले को अग्निवीरों के लिए दो साल के ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ के रूप में बताया है।
युवाओं के लिए कितना महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
अग्निपथ योजना में किया गया यह बदलाव उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो चार साल की सेवा के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे।
अब अग्निवीरों को छह साल तक सेवा करने का अवसर मिल सकता है। इसके बाद नियमित सैनिक बनने का रास्ता भी खुलेगा।
हालांकि, यह स्पष्ट रहना जरूरी है कि अतिरिक्त सेवा और नियमित भर्ती के लिए चयन की प्रक्रिया लागू नियमों के तहत होगी। सरकार का फैसला अग्निवीरों के लिए अवसर बढ़ाता है, लेकिन नियमित सेवा में शामिल होने की गारंटी नहीं देता।
अग्निपथ योजना में सरकार का यह बदलाव अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। इससे पहले चार साल बाद सेवा से बाहर होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को अब दो साल अतिरिक्त सेवा और नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा।