Israel US Iran War: ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, सरेंडर नहीं तो ईरान पर और बड़े हमले

Israel US Iran War: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद मिडिल-ईस्ट में युद्ध जैसे हालात हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सरेंडर करने की धमकी दी है तो वहीं ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस बीच दोनों तरफ से लगातार हमले जारी हैं।

Israel US Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का आज नौवां दिन है और हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। Israel और United States लगातार Iran पर हमले कर रहे हैं, जबकि संघर्ष थमने के फिलहाल कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो वह सरेंडर कर दे, वरना ऐसा हाल होगा कि आत्मसमर्पण करने वाला भी कोई नहीं बचेगा। दूसरी ओर ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाला नहीं है और अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने तक लड़ाई जारी रखेगा।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक अब तक ईरान के 44 नौसैनिक जहाजों को नष्ट किया जा चुका है और उसकी वायुसेना के अधिकांश विमानों को भी खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान की बड़ी संख्या में मिसाइलों को भी नष्ट किया गया है, जिसके कारण अब मिसाइल हमले काफी कम हो गए हैं। इसके अलावा मिसाइल निर्माण से जुड़े ठिकानों पर भी भारी बमबारी की गई है, जिससे ईरान की ड्रोन क्षमता और सैन्य ताकत को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान की सेना पर और बड़े हमले कर सकता है, हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

दूसरी ओर ईरान की तरफ से भी नरमी के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को पड़ोसी देशों से हमलों के कारण हुई परेशानियों के लिए माफी जरूर मांगी है, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि युद्ध से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है।

इधर India भी मिडिल ईस्ट की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है। Ministry of External Affairs ने शनिवार देर रात जारी बयान में कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मंत्रालय के अनुसार क्षेत्र में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद अब तक 52,000 से अधिक भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है। साथ ही मिडिल ईस्ट में मौजूद भारतीय नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सलाह पर अमल करने की अपील की गई है। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 24 घंटे काम करने वाली हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।

 

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