Iran New Supreme Leader: पिता के बाद बेटे के हाथ सत्ता, मोजतबा खामेनेई बने ईरान के सुप्रीम लीडर

Iran New Supreme Leader:

Iran New Supreme Leader: मिडिल ईस्ट में Iran, Israel और United States के बीच जारी युद्ध लगातार और तेज होता जा रहा है। इसी बीच ईरान के सरकारी टीवी ने दावा किया है कि Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। वह ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के बेटे हैं। लंबे समय से उन्हें इस पद का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था, हालांकि उन्होंने कभी कोई निर्वाचित या आधिकारिक सरकारी पद नहीं संभाला था।

युद्ध रणनीति में निभाएंगे अहम भूमिका

ईरान की ताकतवर अर्धसैनिक संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps सीधे सुप्रीम लीडर के प्रति जवाबदेह होती है। ऐसे में अब मोजतबा खामेनेई देश की युद्ध रणनीति और सैन्य फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभा सकते हैं। यह घोषणा उस समय हुई है जब युद्ध नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है और देश के भीतर भी नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज थी। ईरान की 88 सदस्यीय संस्था Assembly of Experts सुप्रीम लीडर का चयन करती है और उसी के फैसले का इंतजार किया जा रहा था।

ट्रंप का बयान भी चर्चा में

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद ईरान में सत्ता किसके हाथ में होगी, इस पर उनकी भी राय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मंजूरी के बिना कोई नया नेता ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध की शुरुआत में हुए हवाई हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।

क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ता तनाव

युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ता जा रहा है। Bahrain में एक पेयजल संयंत्र पर ईरान के हमले और इजरायल के जवाबी हमलों के बाद हताहतों की संख्या बढ़ गई है। Arab League के प्रमुख ने पड़ोसी देशों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है, जिनमें वे देश भी शामिल हैं जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों की ओर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे जा चुके हैं। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी कहा है कि अगर उन पर दबाव बढ़ाया गया तो ईरान की प्रतिक्रिया और कड़ी होगी।

युद्ध में बढ़ती मौतें

इस संघर्ष में कई देशों के लोग भी मारे गए हैं। Saudi Arabia में एक मिसाइल आवासीय इलाके में गिरने से भारतीय और बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई। वहीं इजरायल ने बताया कि दक्षिणी Lebanon में दो सैनिक मारे गए, जहां उसकी सेना ईरान समर्थित संगठन Hezbollah से लड़ रही है। अमेरिकी सेना के अनुसार, 1 मार्च को सऊदी अरब में हुए ईरानी हमले में घायल एक अमेरिकी सैनिक की भी मौत हो गई। अब तक इस संघर्ष में सात अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक युद्ध में ईरान में कम से कम 1230, लेबनान में 397 और इजरायल में 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

तेल और पानी के संयंत्र बने निशाना

युद्ध के दौरान ऊर्जा और जल आपूर्ति से जुड़े ठिकाने भी निशाने पर हैं। Bahrain, Kuwait, United Arab Emirates और Saudi Arabia ने ईरान की ओर से अतिरिक्त मिसाइल हमलों की सूचना दी है। बहरीन ने आरोप लगाया कि ईरान ने नागरिक ठिकानों पर अंधाधुंध हमले किए और एक समुद्री जल शोधन संयंत्र को भी नुकसान पहुंचाया।

उधर ईरान का कहना है कि अमेरिकी हवाई हमले में Qeshm Island पर स्थित एक जल शोधन संयंत्र को नुकसान पहुंचा, जिससे करीब 30 गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिकी बल नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाते।

 

 

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