Chamoli Tunnel Accident Update News अभी तक क्या क्या हुआ? रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

चमोली, उत्तराखंड। Chamoli Tunnel Accident उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दूसरे दिन भी राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। टनल के भीतर अचानक पानी और भारी मलबा भर जाने से कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, 11 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है जबकि 3 मजदूरों के फंसे होने की खबर है.

अचानक टनल में घुसा पानी और मलबा

हादसा चमोली के मायापुर-पिपलकोटी क्षेत्र में THDC के विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन टनल में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक टनल के अंदर काम चल रहा था, तभी अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव अंदर आ गया। इससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

रिपोर्टों के अनुसार टनल के अंदर करीब 8 से 9 फीट तक पानी और मलबा जमा होने की स्थिति बनी हुई है, जिससे रेस्क्यू टीमों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

3 मजदूरों की तलाश में जुटी टीमें

हादसे के बाद NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें लगातार टनल के अंदर अभियान चला रही हैं। राहत दल पानी निकालने के साथ-साथ मलबा हटाकर लापता मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती टनल के अंदर लगातार मौजूद पानी और मलबा है। इसके बावजूद बचाव दल आधुनिक उपकरणों और भारी मशीनरी की मदद से अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान में जुटी NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस और प्रशासन की टीमों को सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए लापता मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से भी मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

हादसे ने फिर खड़े किए सुरक्षा पर सवाल

हिमालयी क्षेत्र में सुरंग और जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण के दौरान सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। चमोली का यह हादसा एक बार फिर निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा व्यवस्था, भूगर्भीय जोखिम और आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की जरूरत को सामने लाता है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं और टनल के अंदर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

अभी क्या है स्थिति?

14 अगस्त 2026 की दोपहर तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक:

7 मजदूरों की मौत की पुष्टि

11 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया

3 मजदूर अब भी लापता

कई घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज जारी

टनल के अंदर पानी और मलबा बड़ी चुनौती

NDRF, SDRF और ITBP समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं

लापता मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है

सबकी नजर अब रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। अगर टनल के अंदर फंसे तीनों मजदूरों तक बचाव दल पहुंचने में सफल होता है, तो यह अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी। फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी ताकत के साथ उन्हें खोजने में जुटी हैं।

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