Uzbekistan Visa Free for Indians: विदेश घूमने का प्लान बना रहे भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उज़्बेकिस्तान ने भारतीय ordinary passport holders के लिए 30 दिनों तक visa-free entry की घोषणा की है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज़्बेकिस्तान यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ बातचीत के बाद सामने आया। इसका मकसद दोनों देशों के बीच पर्यटन, कारोबार और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना है।
लेकिन उज़्बेकिस्तान अकेला ऐसा देश नहीं है जहां भारतीय यात्रियों को वीजा के मामले में राहत मिलती है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारतीय ordinary passport holders को दुनिया के कई देशों में Visa-Free, Visa-on-Arrival और अन्य आसान visa arrangements उपलब्ध हैं।
तो अगर आप 2026 में विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, आइए जानते हैं कि किन देशों में भारतीयों के लिए वीजा नियम अपेक्षाकृत आसान हैं।
-
उज़्बेकिस्तान: अब 30 दिन Visa-Free
उज़्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिनों तक बिना वीजा प्रवेश की सुविधा घोषित की है। यह फैसला भारत और मध्य एशियाई देश के बीच पर्यटन और व्यापारिक संपर्क को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यानी भारतीय यात्रियों के लिए ताशकंद, समरकंद, बुखारा और खीवा जैसे ऐतिहासिक शहरों की यात्रा अब पहले की तुलना में आसान हो सकती है।
-
मलेशिया: 30 दिन तक Visa-Free
भारतीय यात्रियों के लिए मलेशिया भी इस समय आकर्षक विकल्प है। मलेशियाई इमिग्रेशन विभाग के मुताबिक भारतीय नागरिकों को 31 दिसंबर 2026 तक 30 दिनों के लिए visa exemption दिया गया है। यह सुविधा social visit के लिए लागू है। कुआलालंपुर, लैंगकावी, पेनांग और मलक्का जैसे destinations भारतीय पर्यटकों के बीच पहले से लोकप्रिय हैं।
-
थाईलैंड: फिलहाल 60 दिन की Visa Exemption
थाईलैंड भारतीय ordinary passport holders के लिए tourism और short-term business purposes के तहत 60-day visa exemption को फिलहाल आगे की घोषणा तक जारी रखे हुए है। हालांकि Thailand की visa exemption policy में बदलाव की खबरें भी सामने आती रही हैं, इसलिए यात्रा से पहले मौजूदा नियम जरूर जांचना जरूरी है।
-
मालदीव: आसान Entry
मालदीव भारतीय पर्यटकों के लिए लंबे समय से आसान international destinations में शामिल है। विदेश मंत्रालय की visa-facility सूची में भारतीय नागरिकों के लिए 90 दिनों तक की सुविधा दर्ज है। इस वजह से honeymoon, beach holiday और short luxury trips के लिए मालदीव भारतीय यात्रियों की पसंद बना हुआ है।
-
भूटान: भारतीयों के लिए Visa की जरूरत नहीं
भारत के पड़ोसी भूटान में भारतीय नागरिकों को सामान्य अर्थ में visa की आवश्यकता नहीं होती। वैध भारतीय passport या स्वीकार्य पहचान दस्तावेज के आधार पर प्रवेश किया जा सकता है। थिम्फू, पारो और हिमालयी landscapes इसे भारतीय यात्रियों के लिए खास बनाते हैं।
-
Visa-on-Arrival वाले देश भी हैं बड़ा विकल्प
Visa-free के अलावा कई देशों में भारतीय यात्रियों को Visa-on-Arrival की सुविधा मिलती है। इसका मतलब है कि यात्रा से पहले embassy से सामान्य visa लेने की जरूरत नहीं होती; निर्धारित शर्तें पूरी करने पर संबंधित देश पहुंचने के बाद visa प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
विदेश मंत्रालय की सूची में Indonesia, Cambodia, Ethiopia, Fiji, Jamaica, Jordan, Kenya, Laos, Madagascar, Mauritius और कई अन्य देशों के लिए अलग-अलग visa-on-arrival arrangements दर्ज हैं। हालांकि अवधि, फीस और eligibility देश-दर-देश अलग होती है।
-
इंडोनेशिया: Visa-on-Arrival की सुविधा
इंडोनेशिया भारतीय यात्रियों के लिए भी आसान visa options वाला destination है। विदेश मंत्रालय की उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन का Visa-on-Arrival arrangement दर्ज है, जबकि कुछ परिस्थितियों में शुल्क देकर अधिक अवधि का विकल्प भी उपलब्ध है। बाली की लोकप्रियता को देखते हुए यह भारतीय travellers के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण विकल्प है।
-
श्रीलंका: ETA के जरिए आसान यात्रा
श्रीलंका की यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को सामान्यतः ETA यानी Electronic Travel Authorization प्रक्रिया का इस्तेमाल करना होता है। श्रीलंका के आधिकारिक ETA पोर्टल के अनुसार short visit के लिए ETA आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है और इसके आधार पर 30 दिन तक की short-visit permission मिल सकती है।
इसलिए श्रीलंका को पूरी तरह visa-free कहने के बजाय easy electronic travel authorization destination कहना ज्यादा सही होगा।
Visa-Free और Visa-on-Arrival में क्या अंतर है?
विदेश यात्रा करते समय इन दोनों शब्दों को लेकर अक्सर भ्रम होता है।
Visa-Free:
आपको यात्रा से पहले visa लेने की जरूरत नहीं होती। हालांकि passport validity, return ticket, accommodation और funds जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं।
Visa-on-Arrival:
आपको पहले से सामान्य visa लेने की जरूरत नहीं होती, लेकिन destination पर पहुंचकर immigration authorities के सामने visa जारी कराया जाता है। कई देशों में इसके लिए fee, photograph, return ticket या अन्य दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं।
e-Visa/ETA:
यात्रा से पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है। Approval मिलने के बाद यात्रा की जा सकती है।
भारतीय यात्रियों के लिए सबसे आसान विकल्प कौन से?
अगर आपका मकसद कम visa paperwork के साथ विदेश यात्रा करना है, तो 2026 में कुछ प्रमुख विकल्पों में शामिल हैं:
इनमें से कुछ सुविधाएं समय-सीमा, यात्रा के उद्देश्य और अन्य eligibility conditions के अधीन हैं। इसलिए टिकट बुक करने से पहले संबंधित देश की official immigration/embassy website पर नवीनतम नियम देखना जरूरी है। विदेश मंत्रालय की सूची भी अलग-अलग देशों की शर्तों के साथ visa facilities बताती है।
2026 में Visa Rules क्यों बदल रहे हैं?
देश tourism, investment और business को बढ़ावा देने के लिए visa policies में बदलाव करते रहते हैं। भारत के बढ़ते outbound tourism market को देखते हुए भारतीय travellers कई देशों के लिए महत्वपूर्ण tourist segment बन चुके हैं। उज़्बेकिस्तान का 30-day visa-free फैसला भी इसी दिशा में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच tourism के साथ-साथ व्यापार और people-to-people connectivity बढ़ाने पर जोर है।
Also Read:
https://journalistindia.com/features/pm-modi-uzbekistan-visit-uranium-supply-strategic-partnership/