America Iran Airstrikes : अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। लगातार छठे दिन अमेरिकी सेना ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर रातभर हवाई हमले किए। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक इन हमलों में दक्षिणी ईरान के एक हवाई अड्डे, बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित दो पुलों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
ईरानशहर हवाई अड्डे के पास तीन धमाके
ईरानी सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर के हवाई अड्डे के आसपास तीन जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट के मुताबिक हवाई अड्डे पर कम से कम एक अमेरिकी गोला गिरा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को घेरकर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन पर भी हमला
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन भी अमेरिकी हमलों का निशाना बना। इस हमले में दो ईरानी नागरिक घायल हुए हैं। रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पुलों पर बमबारी
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि होर्मोजगान प्रांत में होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित दो पुलों पर भी हवाई हमले किए गए। इन हमलों में दो लोगों की मौत और चार अन्य के घायल होने की पुष्टि की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र पर हमले वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकते हैं।
ईरान ने बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। सरकार का कहना है कि सेना और सिविल डिफेंस की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं तथा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, सशस्त्र ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया।
बयान के अनुसार, हमलों का लक्ष्य ईरान के कई सैन्य प्रतिष्ठान थे, जिनमें तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री सैन्य क्षमताओं से जुड़े ठिकाने शामिल थे।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
लगातार हो रहे इन हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, ईरानी मीडिया ने हमलों की विस्तृत जानकारी दी है, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने नागरिक हताहतों के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में वास्तविक नुकसान और मृतकों की संख्या को लेकर स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
अमेरिका ने लगातार छठे दिन ईरान पर किए हवाई हमले, 7 की मौत; होर्मुज के पास पुल और रेलवे स्टेशन बने निशाना
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