Parliament Monsoon Session 2026: NDA-कांग्रेस का महामंथन, किन विधेयकों पर होगी सबसे बड़ी लड़ाई?

Parliament Monsoon Session 2026 : मानसून सत्र से पहले NDA और कांग्रेस का महामंथन, संसदीय रणनीति पर मंथन तेज; क्या परिसीमन विधेयक बनेगा सबसे बड़ा मुद्दा?

संसद के 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। एक ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 21 जुलाई को संसदीय दल की बैठक बुलाई है, तो दूसरी ओर कांग्रेस भी सोनिया गांधी के आवास पर शीर्ष नेतृत्व की अहम बैठक कर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेगी। ऐसे में साफ है कि इस बार मानसून सत्र के दौरान संसद के भीतर राजनीतिक टकराव और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

21 जुलाई को होगी NDA संसदीय दल की बैठक

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक 21 जुलाई सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित होगी। इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के सभी सांसद शामिल होंगे।

बैठक संसद के मानसून सत्र शुरू होने के एक दिन बाद हो रही है, इसलिए इसे सरकार के विधायी एजेंडे और संसद के भीतर रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इससे पहले 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों की बैठक भी बुलाई है, जिसमें सरकार आगामी सत्र के विधायी एजेंडे की जानकारी देगी, जबकि विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों को उठाने की तैयारी करेगा।

कांग्रेस भी बनाएगी सरकार को घेरने की रणनीति

उधर, कांग्रेस भी मानसून सत्र से पहले अपनी संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गई है। कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर होने वाली बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में संसद के भीतर सरकार को किन मुद्दों पर घेरना है, विपक्षी दलों के साथ तालमेल कैसे मजबूत करना है और जनता से जुड़े किन मुद्दों को प्रमुखता देनी है, इस पर विस्तार से चर्चा होगी।

परिसीमन विधेयक पर रह सकती है सबसे ज्यादा नजर

इस बार मानसून सत्र में परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक सबसे चर्चित विषयों में शामिल हो सकता है। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख तय करने के साथ-साथ विपक्षी दलों के साथ साझा रणनीति बनाने पर भी विचार करेगी।

यदि सरकार परिसीमन से जुड़ा कोई विधेयक या प्रस्ताव आगे बढ़ाती है, तो विपक्ष इसे लेकर संसद के भीतर व्यापक बहस की मांग कर सकता है। दक्षिण भारत के कई राजनीतिक दल पहले भी परिसीमन को लेकर अपनी चिंताएं जता चुके हैं, ऐसे में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन सकता है।

इन विधेयकों पर भी रह सकती है चर्चा

मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश या आगे बढ़ा सकती है। इनमें प्रमुख रूप से

परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक

महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन से संबंधित विषय

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े प्रस्ताव

अन्य लंबित संवैधानिक संशोधन एवं महत्वपूर्ण विधेयक

हालांकि सरकार की ओर से अंतिम विधायी सूची सत्र शुरू होने से पहले जारी की जाएगी।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें (सिटिंग्स) प्रस्तावित हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के अनुसार, सत्र में राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा, विधायी कार्य और विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होगी।

राजनीतिक मुकाबले का मंच बनेगा मानसून सत्र

मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर राजनीतिक बहस और रणनीतिक टकराव तेज रहेगा। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस सहित विपक्षी दल महंगाई, बेरोजगारी, परिसीमन, संघीय ढांचे और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। ऐसे में इस बार का मानसून सत्र केवल विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2026 की राजनीतिक दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण सत्रों में से एक साबित हो सकता है।

 

Monsoon Session 2026
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