Uttarakhand Budget 2026: राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पहली बार पेश हुआ बजट, बना नया इतिहास

Uttarakhand Budget 2026: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा में आज से बजट सत्र शुरू हुआ। राज्यपाल अभिभाषण के बाद बजट पेश किया गया।

Uttarakhand Budget 2026: Uttarakhand की राजनीति में इस बार बजट सत्र के दौरान एक नया इतिहास बना। पहली बार ऐसा हुआ जब Gurmit Singh के अभिभाषण वाले दिन ही सदन में बजट पेश किया गया। Pushkar Singh Dhami ने वित्त मंत्री के रूप में विधानसभा में अपनी सरकार का बजट पेश किया। मुख्यमंत्री धामी ने करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए इस बजट में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

जेंडर बजट में बढ़ोतरी

सरकार ने इस बार महिलाओं के लिए जेंडर बजट में भी बढ़ोतरी की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जहां 16,961.32 करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 19,692.02 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

विभिन्न योजनाओं के लिए बजट प्रावधान

सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं के लिए बजट में राशि आवंटित की है। प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं—

  • Kumbh Mela के लिए अवसंरचना विकास हेतु 1027 करोड़ रुपये

  • विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 705.25 करोड़ रुपये

  • Nirbhaya Fund के लिए 112.02 करोड़ रुपये

  • पर्यटन विकास के लिए आधारभूत ढांचे पर 100 करोड़ रुपये

  • Haridwar और Rishikesh गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए 10-10 करोड़ रुपये

  • साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 15 करोड़ रुपये

  • उभरती तकनीकों और एआई के विकास के लिए 10.50 करोड़ रुपये

  • स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये

  • “हाउस ऑफ हिमालयाज” योजना के लिए 5 करोड़ रुपये

  • सरयू सहित अन्य रिवर फ्रंट परियोजनाओं के लिए 10 करोड़ रुपये

  • नशा मुक्ति केंद्रों के लिए 4.50 करोड़ रुपये

  • न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये

  • रेस्क्यू सेंटर के लिए 19 करोड़ रुपये

गरीबों के कल्याण के लिए प्रावधान

गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए भी कई योजनाओं में बजट दिया गया है—

  • अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये

  • Pradhan Mantri Awas Yojana (Gramin) के लिए 298.35 करोड़ रुपये

  • Pradhan Mantri Awas Yojana 2.0 के लिए 56.12 करोड़ रुपये

  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए 25 करोड़ रुपये

  • परिवहन निगम की बसों में कुछ श्रेणी के यात्रियों के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा हेतु 42 करोड़ रुपये

  • गरीब परिवारों के लिए रसोई गैस सब्सिडी पर 43.03 करोड़ रुपये

  • दिव्यांग और अन्य सामाजिक पेंशन योजनाओं के लिए 167.05 करोड़ रुपये

  • आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 25 करोड़ रुपये

किसानों के लिए घोषणाएं

कृषि और पशुपालन क्षेत्र को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है—

  • ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपये

  • Indo-Tibetan Border Police को जीवित भेड़-बकरी और कुक्कुट आपूर्ति योजना के लिए 3.50 करोड़ रुपये

  • दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 42.50 करोड़ रुपये

  • मिशन एप्पल योजना के लिए 42 करोड़ रुपये

  • दुग्ध उत्पादकों के लिए मूल्य प्रोत्साहन योजना हेतु 32 करोड़ रुपये

  • मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये

  • मिलेट मिशन के लिए 12 करोड़ रुपये

  • किसान पेंशन योजना के लिए 12.06 करोड़ रुपये

  • Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के लिए 160.13 करोड़ रुपये

युवाओं के लिए योजनाएं

युवाओं के रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कई प्रावधान किए गए—

  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये

  • पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ रुपये

  • पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़ रुपये

  • गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान के रूप में 155.38 करोड़ रुपये

  • शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए 10 करोड़ रुपये

  • सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 10 करोड़ रुपये

  • उल्लास नव साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3.34 करोड़ रुपये

यूकेडी का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प

बजट सत्र के दौरान Uttarakhand Kranti Dal के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। Diwalikhal में कार्यकर्ताओं ने स्थायी राजधानी, Ankita Bhandari हत्याकांड और अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव की कोशिश की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर विधानसभा परिसर तक पहुंच गए। पुलिस ने 10 से 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार का भी इस्तेमाल किया।

बजट सत्र शुरू होते ही विपक्ष का विरोध

सत्र शुरू होने से पहले ही Indian National Congress के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। सत्र शुरू होने के बाद भी विपक्ष ने सदन के भीतर हंगामा किया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

 

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