Sambhal Jama Masjid Dispute: संभल जामा मस्जिद विवाद कब और कैसे शुरू हुआ, क्यों हुआ सर्वे?
Sambhal Jama Masjid Dispute: When and how did the Sambhal Jama Masjid dispute start, why was a survey conducted?
आखिर क्या है संभल में बवाल की वजह?
क्यों संभल की जमा मस्जिद विवादों में आई?
क्यों संभल की जमा मस्जिद का हुआ सर्वे?
किसने दिए सर्वे के आदेश?
ये वो सवाल है, जिनका जवाब हम जर्नलिस्ट इंडिया की इस रिपोर्ट में तलाशेंगे, सबसे पहले जानते हैं- आखिर क्या है संभल में बवाल की वजह?
संभल में विवाद की वजह जमा मस्जिद का सर्वे है, जिसे लेकर अफवाह फैलाई गई और ये बात खुद कैमरे पर आकर मस्जिद के शाही इमाम जफर अली ने की है. उन्होंने बताया कि-
खुदाई की अफवाहों के चलते माहौल बिगड़ा, पत्थरबाजी हुई और हिंसा भड़की. इमाम का कहना है कि पानी के आने के कारण लोगों में ये भ्रम (अफवाह) पैदा हो गया कि सर्वे के दौरान मस्जिद की खुदाई हो रही है.

दरअसल, रविवार यानी की 24 नवंबर को सर्वे की टीम मस्जिद में पहुंची. दावा किया जा रहा है कि इसी बीच मस्जिद के बाहर भीड़ जमा होने लगी और सर्वे के विरोध में हंगामा शुरू हो गया. बात पत्थरबाजी और गोलीबारी तक पहुंच गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए, जिसमें पुलिसवाले भी शामिल है. अब दूसरे, तीसरे और चौथे सवाल ये है कि आखिर संभल की जमा मस्जिद विवादों में क्यों आई? सवाल नंबर: 3 क्यों संभल की जमा मस्जिद का हुआ सर्वे? सवाल नंबर: 4किसने दिए सर्वे के आदेश?
संभल मस्जिद विवाद क्या है ?
संभल जामा मस्जिद से जुड़ा ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब संभल जिला कोर्ट में ऋषि राज नाम के शख्स ने एक याचिका दायर करते हुए दावा किया कि शाही जामा मस्जिद हिंदू देवता के मंदिर के ऊपर बना है. जहां जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था और इसकी सत्यता के लिए सर्वे होना चाहिए. इसके बाद जिला अदालत ने सर्वे का निर्देश दिया.
मस्जिद में 19 नवंबर की रात को सर्वे हुआ था और पहली बार जब ये सर्वे हुआ तो सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से हो गया, लेकिन 24 नवंबर को दूसरी बार टीम सर्वे करने पहुंची तो मामला बिगड़ गया और हिंसा का रूप ले लिया.
इस पूरे विवाद पर हिंदू और मुस्लिम पक्ष क्या कहते हैं…वो भी बताते हैं
- हिंदू पक्ष : मंदिर पृथ्वीराज चौहान के शासन से पहले बना था, जबकि मस्जिद मुगलकाल में मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी।
- मुस्लिम पक्ष: मस्जिद टीले पर बनी है। किसी मंदिर को तोड़कर नहीं बनाई गई है।
सपा सांसद समेत 800 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज
वहीं, संभल जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के पुत्र सुहैल इकबाल समेत 800 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. इन पर भीड़ को भड़काने का आरोप है.

बहरहाल, अब इस पूरे विवाद पर राजनीति तेज हो गई है…सपा के मुखिया अखिलेश यादव से लेकर राहुल गांधी, मायावती, अवैसी और चंद्रशेखर आजाद तक तमाम विपक्षी दल इसे लेकर बीजेपी को निशाने पर ले रहे हैं. बहरहाल, संभल की घटना ने राजनीतिक रूप ले लिया है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि हिंसा किसने भड़काई, घटनास्थल पर इतने साले पत्थर कहां से आए…किसकी गोली से लोगों की मौत हुई और वो कौन लोग थे, जिन्होंने हिंसा भड़काई. क्या है इसपर आपका कहना. जर्नलिस्ट इंडिया के साथ शेयर करें.