Jaspal Rana Death : भारतीय शूटिंग को बड़ा झटका: दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन

नई दिल्ली:

Jaspal Rana Death : भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारत के महान निशानेबाज, एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता और राष्ट्रीय शूटिंग कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से भारत लौटने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। वर्ष 1994 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप जैसी कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में देश के लिए अनेक पदक जीते।

कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके नाम कुल 15 पदक दर्ज हैं, जिनमें 9 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उनकी इन उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों की श्रेणी में स्थापित किया।

उनकी खेल उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें कम उम्र में ही अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था। बाद में उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से भी नवाजा गया।

खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारतीय शूटिंग की नई पीढ़ी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, युवा स्टार सौरभ चौधरी, अनीश भनवाला और चिंकी यादव जैसे कई सफल निशानेबाजों के करियर को संवारने में उनका योगदान बेहद अहम माना जाता है।

जसपाल राणा को केवल एक सफल खिलाड़ी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक ऐसे गुरु के रूप में भी याद किया जाएगा जिन्होंने भारतीय निशानेबाजी को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनकी मेहनत और मार्गदर्शन का असर आने वाले वर्षों तक भारतीय शूटिंग में दिखाई देता रहेगा।

उनके निधन पर खेल जगत, पूर्व खिलाड़ियों, कोचों और खेल प्रेमियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।

जसपाल राणा का जाना भारतीय खेलों, विशेषकर निशानेबाजी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।

 

 

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