क्या होती हैं Orange Economy? क्रिएटिविटी कैसे बनेगी भारत की नई ताकत.. वित्त मंत्री ने क्यों बताया इसे गेमचेंजर
Orange Economy: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऑरेंज इकनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि देशभर में 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी, ताकि क्रिएटिव टैलेंट को शुरुआती स्तर पर ही बेहतर संसाधन और प्लेटफॉर्म मिल सके।
Orange Economy: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 का आम बजट पेश किया, जिसमें कई अहम घोषणाएं की गईं। इन्हीं में से एक घोषणा ‘ऑरेंज इकनॉमी’ को लेकर भी रही। सरकार ने कहा है कि इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सेकंडरी स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोली जाएंगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि भारत में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स यानी AVGC सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि साल 2030 तक इस सेक्टर में करीब 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी देशभर के 15 हजार सेकंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करेगा।
यह प्रस्ताव आर्थिक सर्वे 2025-26 में दिए गए सुझावों पर आधारित है। सर्वे में कहा गया था कि कल्चर, मीडिया, एंटरटेनमेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी जैसे क्रिएटिव सेक्टर रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ शहरी सेवाओं और पर्यटन को भी मजबूती दे सकते हैं। इन्हीं क्रिएटिव सेक्टर्स को मिलाकर ‘Orange Economy’ कहा जाता है।