Israel Iran War: IDF का बड़ा हमला, ईरान के 400 ठिकानों पर दागे बैलिस्टिक मिसाइल
Israel Iran War: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद मिडिल-ईस्ट में युद्ध जैसे हालात हैं। इजरायल-यूएस और ईरान युद्ध का दूसरा हफ्ता शुरू हो गया है। आईडीएफ ने ईरान के 400 ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है।
Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब और तेज होती जा रही है। Israel और United States लगातार Iran पर हमले कर रहे हैं। युद्ध का आज नौवां दिन है और हालात ऐसे हैं कि फिलहाल इसके खत्म होने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो वह सरेंडर कर दे, नहीं तो हालात ऐसे होंगे कि आत्मसमर्पण करने वाला भी कोई नहीं बचेगा। दूसरी तरफ ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लिए बिना युद्ध नहीं रोकेगा और अपनी एक इंच जमीन भी दुश्मन को नहीं देगा। वहीं India मिडिल ईस्ट में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटा हुआ है। यह संघर्ष अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।
ईरान के 400 ठिकानों पर इजरायल का हमला
इजरायली सेना Israel Defense Forces ने दावा किया है कि उसने ईरान के करीब 400 ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। आईडीएफ ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है।
तेल भंडारण टैंकों पर हमले से भड़की आग
इजरायल और अमेरिका ने तेहरान के पास स्थित तेल भंडारण टैंकों को भी निशाना बनाया। इन हमलों के बाद कच्चा तेल सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम में फैल गया, जिससे कई सड़कों पर आग की लपटें फैलती नजर आईं। सामने आए ताजा वीडियो में देखा जा सकता है कि तेल भंडारण सुविधाओं में अब भी आग लगी हुई है।
ट्रंप का बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, ईरान के 44 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया गया है और उसकी वायुसेना के ज्यादातर विमान भी खत्म कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की अधिकांश मिसाइलों को तबाह कर दिया गया है, जिसके कारण अब मिसाइल हमले काफी कम हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के मिसाइल निर्माण से जुड़े ठिकानों पर भी भारी हमले किए गए हैं, जिससे उसकी ड्रोन क्षमता और सैन्य ताकत को बड़ा झटका लगा है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका चाहे तो ईरान की सेना पर और बड़े हमले कर सकता है, हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि दूसरी ओर ईरान की तरफ से भी पीछे हटने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को पड़ोसी देशों से हमलों के कारण हुई असुविधा के लिए माफी जरूर मांगी, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि देश युद्ध से पीछे नहीं हटेगा।