Holi 2026 से पहले खुशखबरी! बढ़ सकता है महंगाई भत्ता, सैलरी में होगा इजाफा

Holi 2026: केंद्र सरकार होली 2026 से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को राहत देने का ऐलान कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी संभव है, जिसके बाद डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगा। यह बढ़ी हुई दर फरवरी महीने की सैलरी से लागू की जा सकती है, जबकि जनवरी महीने का एरियर भी कर्मचारियों के खाते में आने की संभावना है।

DA Hike Before Holi 2026:  होली 2026 से पहले केंद्र की मोदी सरकार सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दे सकती है। महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान संभव है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी में इजाफा हो सकता है। बढ़ा हुआ डीए फरवरी महीने की सैलरी से लागू हो सकता है, वहीं जनवरी 2026 का एरियर भी कर्मचारियों को मिलने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते में अधिकतम 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो डीए और महंगाई राहत (DR) बेसिक वेतन का लगभग 60 फीसदी हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के दायरे में ही की जाएगी, क्योंकि 8वां वेतन आयोग अभी तक लागू नहीं हुआ है।

होली से पहले मिल सकता है डीए का तोहफा

उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मार्च 2026 की शुरुआत में, होली से पहले डीए संशोधन को मंजूरी दी जा सकती है। खास बात यह है कि यह 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद पहली डीए बढ़ोतरी होगी। हालांकि, फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद ही डीए बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

डीए की अंतिम गणना लेबर ब्यूरो द्वारा जारी दिसंबर 2025 के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (CPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। दिसंबर में CPI-IW 148.2 अंक पर स्थिर रहा, जो नवंबर के आंकड़ों के बराबर है।

क्या होता है महंगाई भत्ता और कितनी बार बढ़ता है?

महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का एक अहम हिस्सा होता है, जिसे बढ़ती महंगाई के असर को संतुलित करने के लिए दिया जाता है। केंद्र सरकार साल में दो बार डीए में संशोधन करती है, पहली बार जनवरी और दूसरी बार जुलाई में। डीए की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। डीए बढ़ने से कर्मचारियों की कुल सैलरी में सीधा इजाफा होता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये है और वर्तमान डीए 58 प्रतिशत है, तो उसे 58 हजार रुपये डीए मिलता है। वहीं, डीए 60 प्रतिशत होने पर यह बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगा, यानी सैलरी में सीधे 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी।

 

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