Credit Card New Rules: खर्च करने से पहले जान लें नए नियम, 1 अप्रैल से बदल रहा है सिस्टम

Credit Card New Rules: अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। आयकर विभाग के ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 में क्रेडिट कार्ड से जुड़े पांच अहम बदलाव प्रस्तावित हैं। मंजूरी मिलने के बाद ये नए नियम 1962 के पुराने प्रावधानों की जगह ले सकते हैं।

Credit Card New Rules: अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी, ऑनलाइन पेमेंट या टैक्स जमा करने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से नियमों में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आयकर विभाग द्वारा जारी ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 में क्रेडिट कार्ड से जुड़े पांच बड़े संशोधन प्रस्तावित हैं। मंजूरी मिलने पर ये नए प्रावधान 1962 के पुराने नियमों की जगह ले सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इन बदलावों का आपकी जेब और टैक्स प्लानिंग पर क्या असर पड़ेगा।

1. बड़े भुगतान की अनिवार्य रिपोर्टिंग

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि किसी वित्त वर्ष में आपके एक या अधिक क्रेडिट कार्ड से कुल ₹10 लाख या उससे अधिक (कैश को छोड़कर) भुगतान होता है, तो बैंक या कार्ड जारीकर्ता को इसकी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी। वहीं, अगर ₹1 लाख या उससे ज्यादा की रकम नकद चुकाई जाती है, तो उसकी भी रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। इसका मकसद बड़े ट्रांजैक्शन की निगरानी और टैक्स अनुपालन को मजबूत करना है।

2. पैन आवेदन में काम आएगा कार्ड स्टेटमेंट

अब तीन महीने से कम पुराना क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। इससे नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को दस्तावेज जुटाने में सहूलियत मिलेगी।

3. क्रेडिट कार्ड से टैक्स भुगतान की सुविधा

आयकर का ऑनलाइन भुगतान करते समय क्रेडिट कार्ड को भी वैध भुगतान माध्यम के रूप में शामिल किया जाएगा। पहले डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे विकल्प ही उपलब्ध थे। हालांकि, करदाताओं को यह ध्यान रखना होगा कि क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर ब्याज या अतिरिक्त शुल्क लग सकते हैं।

4. कंपनी कार्ड पर खर्च और टैक्स

यदि किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया जाता है और उसका बिल कंपनी चुकाती है, तो इसे परक्विजिट माना जा सकता है और इस पर टैक्स देनदारी बन सकती है। लेकिन यदि खर्च पूरी तरह आधिकारिक कार्य के लिए है और उसका उचित रिकॉर्ड मौजूद है, तो टैक्स से छूट मिल सकती है।

5. क्रेडिट कार्ड के लिए पैन जरूरी

नए नियमों के तहत किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से क्रेडिट कार्ड लेने के लिए पैन नंबर अनिवार्य होगा। बिना पैन के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बड़े वित्तीय लेनदेन को टैक्स सिस्टम से जोड़ना और फर्जी खातों पर रोक लगाना है।

आपके खर्च पर क्या असर?

इन प्रस्तावित बदलावों से संकेत मिलता है कि सरकार क्रेडिट कार्ड के बड़े लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखना चाहती है और डिजिटल भुगतान को अधिक पारदर्शी बनाना चाहती है। यदि आप उच्च मूल्य के ट्रांजैक्शन करते हैं या कंपनी द्वारा जारी कार्ड का उपयोग करते हैं, तो अपने रिकॉर्ड और टैक्स योजना को सुव्यवस्थित रखना अब और भी जरूरी हो जाएगा।

 

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