Bihar Politics: बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल बढ़ गई जब महागठबंधन के घटक दल इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आईपी गुप्ता हैदराबाद में AIMIM के कार्यक्रम में नजर आए। उन्हें मंच पर सम्मानित भी किया गया। इसके बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया कि क्या आईपी गुप्ता महागठबंधन से दूरी बनाने की तैयारी में हैं या फिर राज्य में किसी नए राजनीतिक समीकरण की भूमिका बन रही है।
दरअसल, हैदराबाद में AIMIM के बिहार से निर्वाचित विधायकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में आईपी गुप्ता को भी विशेष आमंत्रण दिया गया और उन्हें सम्मानित किया गया, जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया।
‘आपको बुलाए बिना बिहार की राजनीति नहीं चल सकती’
कार्यक्रम के दौरान आईपी गुप्ता ने बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि किसी को उम्मीद नहीं थी कि ओवैसी की पार्टी का एक भी विधायक जीत पाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें भी इसकी संभावना कम लग रही थी। साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि चुनाव के दौरान अख्तरुल इमान महागठबंधन में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे।
गुप्ता ने मंच से कहा कि AIMIM ने अपनी ताकत साबित की है और अब बिहार की राजनीति में उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
महागठबंधन के साथ जीता था चुनाव
आईपी गुप्ता की पार्टी के पास फिलहाल विधानसभा में एक ही सीट है। उन्होंने पिछला चुनाव आरजेडी और कांग्रेस के साथ महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था और जीत हासिल की थी। ऐसे में AIMIM के साथ मंच साझा करना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
हैदराबाद जाने से पहले किया था पोस्ट
हैदराबाद रवाना होने से पहले आईपी गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि AIMIM के बिहार से चुने गए पांचों विधायकों और बीएमसी में जीते प्रतिनिधियों के साथ उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अपने पोस्ट में ओवैसी की तारीफ करते हुए उन्हें विद्वान बताया और कहा कि ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान उन्होंने एक सच्चे भारतीय की भूमिका निभाई। गुप्ता ने इसे केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि पूरे बिहार और तांती-ततवा समाज के सम्मान से जोड़ा।
पप्पू यादव से मुलाकात भी चर्चा में
हैदराबाद रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर आईपी गुप्ता की मुलाकात पूर्णिया सांसद पप्पू यादव से भी हुई। जेल से जमानत पर बाहर आए पप्पू यादव दिल्ली जा रहे थे। दोनों नेताओं की मुलाकात और गले मिलते हुए तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी रही।
करीबी मुकाबले में दर्ज की थी जीत
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में आईपी गुप्ता ने बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल की थी। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार आलोक रंजन को 2038 वोटों के अंतर से हराया था। विधायक बनने के बाद से ही वे अपने अलग अंदाज और बयानों के कारण सुर्खियों में रहते हैं। बजट सत्र के दौरान उनकी तुकबंदी और भाषण शैली भी खास चर्चा में रही थी।