UPSC Exam 2026: सिविल सेवा परीक्षा के लिए बदले 10 बड़े नियम, चूक गए तो पड़ सकता है भारी

UPSC Exam 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए कई अहम नियमों में बदलाव किया है। ऐसे में जो उम्मीदवार IAS, IPS, IFS या अन्य शीर्ष सरकारी सेवाओं में जाने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए इन नए नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है।

UPSC Exam 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार भर्ती प्रक्रिया में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। आयोग ने आवेदन से लेकर दस्तावेज़ सत्यापन तक कुल 12 अहम नियमों में संशोधन किया है। इन बदलावों का मकसद परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाना और तकनीकी गड़बड़ियों पर लगाम लगाना है। नए प्रावधानों के तहत अब उम्मीदवारों को फोटो, हस्ताक्षर और प्रमाणपत्रों से जुड़े पुराने नियमों को छोड़ना होगा। खास तौर पर OBC और EWS प्रमाणपत्रों की वैधता अवधि को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है।

UPSC के इन सुधारों में सबसे बड़ा बदलाव लाइव फोटो कैप्चर और आधार आधारित सत्यापन को माना जा रहा है। इससे परीक्षा और पहचान से जुड़े फर्जीवाड़े की संभावना काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही IAS और IFS अधिकारियों के लिए दोबारा परीक्षा में बैठने के अवसर भी सीमित कर दिए गए हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 24 फरवरी 2026 तय की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने से पहले नए नियमों को ध्यान से समझ लेना चाहिए, क्योंकि एक बार आवेदन सबमिट होने के बाद किसी भी तरह के संशोधन की अनुमति नहीं होगी।

आवेदन से चयन तक बदले गए 12 बड़े नियम

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में 12 महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। IAS, IPS, IFS जैसे शीर्ष पदों का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए इन नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है।

1. चार चरणों में आवेदन प्रक्रिया

अब ऑनलाइन आवेदन चार स्टेप में पूरा होगा अकाउंट बनाना, यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) जनरेट करना, कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) भरना और अंत में परीक्षा से जुड़ा मॉड्यूल (केंद्र और विषय का चयन) पूरा करना।

2. URN हुआ अनिवार्य

हर उम्मीदवार को एक स्थायी यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जो भविष्य में UPSC की सभी परीक्षाओं के लिए इस्तेमाल होगा। इससे बार-बार जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

3. लाइव फोटो कैप्चर जरूरी

अब आवेदन के दौरान वेबकैम के जरिए लाइव फोटो ली जाएगी। यह फोटो अपलोड की गई पासपोर्ट साइज तस्वीर से मैच होनी चाहिए, अन्यथा आवेदन रद्द किया जा सकता है।

4. आधार आधारित सत्यापन को प्राथमिकता

पहचान के मुख्य दस्तावेज़ के रूप में आधार कार्ड को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे परीक्षा केंद्रों पर सत्यापन प्रक्रिया तेज होगी।

5. तीन हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी

उम्मीदवारों को सादे कागज पर काली स्याही से तीन बार साइन करके उसकी स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।

6. फॉर्म में सुधार या वापसी का विकल्प खत्म

एक बार आवेदन सबमिट होने के बाद उसमें किसी तरह का सुधार या उसे वापस लेने की सुविधा नहीं होगी।

7. URN अपडेट करने की सीमित छूट

उम्मीदवार अपने URN प्रोफाइल में पूरे करियर के दौरान सिर्फ एक बार ही बदलाव कर सकेंगे।

8. केवल ऑनलाइन एडमिट कार्ड मान्य

अब एडमिट कार्ड डाक या ईमेल से नहीं भेजे जाएंगे। अभ्यर्थियों को वेबसाइट से ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा और साथ में वैध फोटो आईडी ले जाना अनिवार्य होगा।

9. परीक्षा केंद्र पर फेस ऑथेंटिकेशन

हर परीक्षा केंद्र पर डिजिटल फेस वेरिफिकेशन और पहचान पत्र की जांच होगी, इसलिए समय से पहले पहुंचना जरूरी होगा।

10. IAS और IFS के लिए दोबारा परीक्षा का मौका बंद

जो उम्मीदवार पहले से IAS या IFS अधिकारी हैं, वे अब दोबारा सिविल सेवा परीक्षा नहीं दे पाएंगे। हालांकि IPS अधिकारी रैंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकते हैं।

11. OBC और EWS सर्टिफिकेट के नए नियम

OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) और EWS प्रमाणपत्र 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद जारी होना चाहिए और तय आय मानकों पर आधारित होना जरूरी होगा।

12. रिजल्ट के बाद पोर्टल पर लॉगिन अनिवार्य

प्रीलिम्स का रिजल्ट आने के 10 दिन और मेंस का रिजल्ट आने के 15 दिन के भीतर उम्मीदवारों को पोर्टल पर लॉगिन करना होगा, अन्यथा उनकी उम्मीदवारी रद्द मानी जाएगी।

इन नए नियमों के साथ UPSC ने साफ कर दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा सख्त, पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी।

 

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