लोकसभा में बुधवार को उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि CJP (छात्र संयुक्त मंच) के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दिया गया था।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा सांसदों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने राहुल गांधी के आरोपों को “बेहद गंभीर और बिना किसी प्रमाण के लगाए गए आरोप” करार दिया। उन्होंने सदन में कहा कि यदि राहुल गांधी के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत है तो उसे सदन के पटल पर रखें, अन्यथा उन्हें पूरे सदन और देश से माफी मांगनी चाहिए।
रिजिजू ने कहा कि संसद में किसी भी मंत्री या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर इस तरह के गंभीर आरोप तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सबूत ऐसे बयान देना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के खिलाफ है।
राहुल गांधी के बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का मुद्दा उठाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीति से प्रेरित और भ्रामक करार दिया। दोनों पक्षों के बीच लगातार नारेबाजी होती रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हुई।