Arpita Sarkar News जैश आतंकी हमीम मंडल की गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार गिरफ्तार, मोबाइल डेटा से मिले सुराग, STF कर रही गहन जांच

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद उसकी कथित गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को झारखंड से गिरफ्तार किया गया। STF मोबाइल डेटा, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

Arpita Sarkar News : संदिग्ध आतंकी गतिविधियों की जांच के बीच पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने वाले हमीम मंडल की कथित गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया है। शनिवार को गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूर्व बर्दवान जिला अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

मोबाइल डेटा से मिला अहम सुराग

जांच एजेंसियों के अनुसार, हमीम मंडल के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के दौरान अर्पिता सरकार का नाम सामने आया। इसी आधार पर STF ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद ही उसकी भूमिका के बारे में स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जाएगा।

कौन है अर्पिता सरकार?

STF के मुताबिक, अर्पिता सरकार पेशे से फोटोग्राफर हैं और इवेंट मैनेजमेंट का व्यवसाय भी चलाती हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पेशे के कारण उनके कई प्रभावशाली और वीवीआईपी लोगों से संपर्क हो सकते हैं। फिलहाल इन संपर्कों की प्रकृति और उद्देश्य की जांच की जा रही है।

एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप की जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि अर्पिता सरकार कथित रूप से अपने iPhone 16 Pro में Matrix प्रोटोकॉल आधारित Element X नामक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग करती थीं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किन लोगों से संपर्क किया गया और क्या कोई संदिग्ध संवाद हुआ।

हालांकि, केवल किसी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का उपयोग करना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है। जांच एजेंसियां इसके उपयोग के संदर्भ और संभावित आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही हैं।

STF का दावा और जांच

STF ने अदालत में कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं जिनके आधार पर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच की जा रही है। एजेंसी ने अदालत से 13 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं और क्या किसी संगठित नेटवर्क के संकेत मिलते हैं।

अभी आरोप सिद्ध नहीं

फिलहाल अर्पिता सरकार और हमीम मंडल के खिलाफ जांच जारी है। जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए सभी आरोप अदालत में परीक्षण के अधीन हैं और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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