PM Modi Visit : प्रधानमंत्री Narendra Modi पांच देशों की अहम विदेश यात्रा पूरी कर गुरुवार सुबह भारत लौट आए। संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के इस दौरे को भारत की कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और निवेश जैसे कई बड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण समझौते हुए।
यूएई दौरे से भारत को क्या मिला?
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया, जहां अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने उनका स्वागत किया। दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को नई मजबूती देते हुए स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर यूएई ने भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व के लिए 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल उपलब्ध कराने और एलपीजी सप्लाई बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही यूएई ने भारतीय बाजारों में 5 बिलियन डॉलर के निवेश पैकेज की घोषणा की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही पर भी जोर दिया।
नीदरलैंड में सेमीकंडक्टर और सांस्कृतिक उपलब्धि
नीदरलैंड दौरे के दौरान भारत और डच सरकार ने अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक अपग्रेड किया। इस दौरान 11वीं सदी की चोल साम्राज्य की ऐतिहासिक ताम्र पट्टिकाएं भारत को लौटाई गईं।
सबसे अहम समझौता डच कंपनी ASML और Tata Electronics के बीच हुआ, जिसके तहत भारत में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसे भारत के “मेक इन इंडिया” और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्वीडन दौरे में AI और टेक्नोलॉजी पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय स्वीडन यात्रा भी कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री Ulf Kristersson के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने, संयुक्त नवाचार साझेदारी के दूसरे चरण और भारत-स्वीडन टेक्नोलॉजी एवं AI कॉरिडोर की शुरुआत पर सहमति जताई। साथ ही अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया।
नॉर्वे के साथ ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की। इस दौरान कुल 12 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
इन समझौतों में ग्रीन हाइड्रोजन, पवन ऊर्जा, कार्बन कैप्चर तकनीक, ग्रीन शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। इसके अलावा Indian Space Research Organisation और नॉर्वे के बीच अंतरिक्ष अनुसंधान और बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग को लेकर भी विशेष समझौता हुआ।
इटली में रणनीतिक साझेदारी को मिली नई दिशा
पांच देशों की यात्रा का आखिरी पड़ाव इटली रहा, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।
भारत और इटली ने संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 की समीक्षा करते हुए व्यापार, निवेश, रक्षा, ब्लू इकोनॉमी, कनेक्टिविटी, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा वैश्विक जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
प्रधानमंत्री मोदी का यह पांच देशों का दौरा भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। एक तरफ भारत को ऊर्जा सुरक्षा और निवेश के नए अवसर मिले, तो दूसरी ओर सेमीकंडक्टर, AI, ग्रीन एनर्जी और रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारियां भी मजबूत हुईं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह दौरा आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक और कूटनीतिक ताकत को नई दिशा दे सकता है।
ये भी पढ़े….
Uttarakhand BJP में बढ़ी हलचल: क्या 2027 चुनाव से पहले शुरू हुआ “Mission Replacement”?