Karwa Chauth Mangal Geet
करवा चौथ – मंगल गीत
लाल चुनरी ओढ़ सजू,
करवा माता चरण गहूँ।
भूख-प्यास सहू दिनभर,
प्रिय की खातिर व्रत करूँ।
करवा माता, सुनो पुकार,
सजनी-सजन रहें सदा साथ।
अखंड सुहाग मिले हर नारी को,
मंगल चरण पड़े हर घर करवा मैया के।
घर-घर गाएं मंगलगान,
छन-छन सुहाग चूड़ा खनकें।
मांग सिंदूर माथे बिंदी चमके,
हर बहन माँगे हाथ जोड़ वरदान
अटूट बंधन रहे सुहाग।
शीतल चांद गगन में आए,
तेरी छवि उसमें मैं पाएं।
तेरी साँसें मेरी प्रार्थना,
तेरी मुस्कान मेरी साधना।
चाँद कहे चाँदनी से-
“प्रेम है शाश्वत,त्याग-संयम ही उसका सत्य।”
जैसे सूर्य बिना चांदअधूरा,
वैसे जीवन तेरा संग पूरा।
सात फेरों सा जीवन बंधा रहे,
सुख-दुख में सदा साथ चले।
पहला फेरा– सच्चाई और समर्पण,
दूसरा– धैर्य और त्याग का बंधन,
तीसरा– विश्वास और आत्मीयता का वचन,
चौथा– सुख-दुख में साथ चलने का प्रण,
पाँचवा– प्रेम का दीपक सदा जलाए,
छठा– परिवार और स्नेह का आधार बने,
सातवां– अखंड सुहाग और मंगलकामना का पूर्ण वरदान।
करवा माता का आशीर्वाद रहे,
सभी सुहागिनें सुख पाएँ।
हर घर में दीपशिखा-सा प्रेम जगाएँ,
सभी सुहागिनें सुख-समृद्धि पाएँ।
जय करवा मैया की जय हो
!!स्वरचित!!
दीपशिखा त्यागी
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