ट्रंप के साथ बैठे मस्क, जेलेंस्की के फोन को किया ऑन स्पीकर, जानें फिर क्या हुआ

America : अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया। इस दौरान ट्रंप के साथ एलन मस्क भी मौजूद थे..

America : अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया। इस दौरान ट्रंप के साथ एलन मस्क भी मौजूद थे, जिनसे बाद में ट्रंप ने फोन स्पीकर पर रखकर जेलेंस्की की बात कराई।  सूत्रों के अनुसार जेलेंस्की ने एलन मस्क का शुक्रिया अदा किया। मस्क इस समय ट्रंप के साथ फ्लोरिडा के मार-ए-लागो निवास में मौजूद थे और उन्होंने इस बातचीत को सकारात्मक बताया।

जेलेंस्की ने ट्रंप को दी बधाई 

सूत्रों के मुताबिक, जेलेंस्की ने ट्रंप को जीत की बधाई देने के लिए फोन किया था। ट्रंप से बातचीत के बाद उन्होंने मस्क का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने यूक्रेन को युद्ध के दौरान संचार सहायता प्रदान की। चुनावी अभियान के दौरान ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने का वादा किया था, जिसे रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों पर समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप ने बहस में स्पष्ट नहीं किया कि वे यूक्रेन की जीत की पक्षधरता रखते हैं या नहीं, बल्कि बाइडेन प्रशासन द्वारा जेलेंस्की को दी जा रही भारी वित्तीय और सैन्य सहायता की आलोचना की थी। ट्रंप का मानना है कि यह पैसा अमेरिकी करदाताओं का है, जिससे उनका संकेत था कि ट्रंप प्रशासन यूक्रेन को और सैन्य समर्थन नहीं देगा।

एलन मस्क ने खुलकर किया प्रचार 

ट्रम्प के समर्थन में अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने खुलकर उनके प्रचार अभियान में सहयोग किया था, जिसमें कई रैलियों और ऑनलाइन समर्थन का अभियान शामिल था। मस्क ट्रंप के करीबी माने जाते हैं और उन्होंने स्टारलिंक उपग्रह नेटवर्क के माध्यम से यूक्रेनी युद्ध प्रयासों को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। इसके अलावा मस्क का पेंटागन के लिए भी बड़ा योगदान है, खासकर लॉन्च सेवाओं में। ट्रंप ने मस्क को सरकारी खर्च कम करने के तरीकों पर सलाहकार भूमिका में रखने की मंशा जताई है।

जेलेंस्की ने ट्रंप की जीत के बाद बुधवार सुबह ही उन्हें फोन कर समर्थन का आग्रह किया। उन्होंने ट्रंप से रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन को मजबूत बनाने में मदद की अपील की। ट्रंप से बातचीत के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के तत्कालीन 45वें राष्ट्रपति के ‘शक्ति से शांति’ के सिद्धांत को सुनना हमेशा प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब यह सिद्धांत 47वें राष्ट्रपति की नीति बनेगा, तो इससे अमेरिका और दुनिया को लाभ होगा।

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