Festive Season Jobs 2026: त्योहारी सीजन में 2.5 लाख तक गिग नौकरियों का अनुमान, युवाओं और महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के मौके
Festive Season Jobs 2026: भारत में साल 2026 के त्योहारी सीजन के दौरान रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच देश में करीब 2 लाख से 2.5 लाख मौसमी और गिग नौकरियां पैदा हो सकती हैं। त्योहारी मांग बढ़ने के साथ कंपनियों की नियुक्तियों में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है।
ग्लोबल टेक्नोलॉजी और डिजिटल टैलेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर NLB Services की हालिया रिपोर्ट में यह अनुमान सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर से शुरू होने वाले त्योहारी दौर में ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और कंज्यूमर सर्विस जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अस्थायी और गिग कर्मचारियों की जरूरत पड़ सकती है।
ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स में बढ़ेगी भर्ती
त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी और डिलीवरी की मांग बढ़ने के कारण ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियां अपने डिलीवरी नेटवर्क और वेयरहाउसिंग क्षमता को मजबूत करने की तैयारी कर रही हैं।
इसका असर डिलीवरी, वेयरहाउस, पैकेजिंग, ऑर्डर प्रोसेसिंग, कस्टमर सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कामों पर देखने को मिल सकता है। कंपनियां ऐसे कर्मचारियों पर अधिक ध्यान दे रही हैं जिन्हें कम समय में प्रशिक्षित करके काम पर लगाया जा सके।
यहां गिग वर्कर से आशय ऐसे अस्थायी या प्रोजेक्ट/डिमांड आधारित कर्मचारियों से है, जिनका काम अक्सर स्थायी रोजगार की बजाय किसी विशेष अवधि या जरूरत से जुड़ा होता है।
त्योहारों से 12-14 सप्ताह पहले शुरू हो रही तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां त्योहारी मांग बढ़ने से करीब 12 से 14 सप्ताह पहले ही अपनी वर्कफोर्स जरूरतों की योजना बनाना शुरू कर देती हैं। इसका उद्देश्य पहले से प्रतिभा समूह तैयार करना और त्योहारों के दौरान अचानक बढ़ने वाली भर्ती की जरूरत को कम करना है।
त्योहारी सीजन में ऑर्डर और ग्राहक मांग बढ़ने के साथ कंपनियों को बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत होती है। ऐसे में पहले से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से कंपनियों को सही लोगों की पहचान करने और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने का समय मिल जाता है।
छोटे शहरों में भी बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
त्योहारी सीजन की भर्ती अब केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गई है। रिपोर्ट में टियर-2 और टियर-3 शहरों को भी तेजी से उभरते रोजगार केंद्रों के रूप में देखा गया है।
अनुमान के मुताबिक, कुल त्योहारी भर्ती मांग में करीब 45 फीसदी हिस्सेदारी टियर-2 और टियर-3 शहरों की हो सकती है। इन बाजारों में भर्ती में करीब 25 से 30 फीसदी तक वृद्धि का अनुमान है।
जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और क्षेत्रीय ऑर्डर-फुलफिलमेंट नेटवर्क के विस्तार से रोजगार की मांग बढ़ने की संभावना है।
युवाओं और महिलाओं के लिए नए मौके
त्योहारी सीजन की भर्ती में पहली बार काम करने वाले युवा और महिलाएं महत्वपूर्ण प्रतिभा समूह के रूप में सामने आ रहे हैं। कंपनियों के लिए यह ऐसा दौर बन रहा है, जहां वे नए लोगों को सीमित अवधि के लिए काम पर लेकर उनकी कार्यक्षमता और कौशल को परख सकती हैं।
इससे कुछ कर्मचारियों के लिए आगे चलकर लंबे समय के रोजगार के अवसर भी तैयार हो सकते हैं। यानी त्योहारी सीजन की नौकरियां केवल कुछ महीनों की कमाई तक सीमित नहीं रह सकतीं, बल्कि नए लोगों के लिए रोजगार बाजार में प्रवेश का रास्ता भी बन सकती हैं।
त्योहार अब सिर्फ मांग नहीं, रोजगार का भी सीजन
NLB Services के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और APAC प्रमुख वरुण सचदेवा के मुताबिक, त्योहारी दौर भारत के जॉब मार्केट के लिए एक तरह का टेस्ट बनता जा रहा है। कंपनियां अब पहले से भर्ती शुरू करने के साथ पारंपरिक रोजगार केंद्रों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित और तुरंत काम पर लगाए जा सकने वाले कर्मचारियों पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए होने वाली भर्ती अब केवल अल्पकालिक जरूरत नहीं रह गई है। कंपनियां इसके जरिए नए प्रतिभा समूहों तक पहुंच बना रही हैं, बड़े स्तर पर उनकी क्षमता को परख रही हैं और भविष्य में दीर्घकालिक रोजगार के लिए संभावित कर्मचारियों का आधार तैयार कर रही हैं।
युवाओं के लिए क्या मतलब?
2026 का त्योहारी सीजन नौकरी और अतिरिक्त कमाई की तलाश कर रहे युवाओं के लिए कई अवसर लेकर आ सकता है। खासतौर पर डिलीवरी, वेयरहाउसिंग, रिटेल, कस्टमर सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में अस्थायी और गिग काम के अवसर बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, ये अनुमान हैं और वास्तविक भर्ती कंपनियों की मांग, त्योहारी बिक्री, आर्थिक परिस्थितियों और क्षेत्रवार कारोबार के प्रदर्शन के आधार पर बदल सकती है। फिर भी रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि में त्योहारी मांग देश के रोजगार बाजार में महत्वपूर्ण गतिविधि पैदा कर सकती है।

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