SEMICON India 2026: ‘भारत पर दुनियाभर का भरोसा बढ़ा’, PM मोदी ने दिया फ्यूचर मंत्र, जानिए क्या है सेमीकॉन इंडिया
नई दिल्ली:
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने वाले SEMICON India 2026 का आगाज गुरुवार, 17 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय इस बड़े आयोजन का उद्घाटन किया। इस वर्ष SEMICON India की थीम “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” यानी ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण’ रखी गई है।
यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब भारत सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, चिप डिजाइन और वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। SEMICON India 2026 में दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियां, निवेशक, नीति निर्माता, शोधकर्ता, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थान एक मंच पर जुटे हैं।
क्या है SEMICON India?
SEMICON India भारत का प्रमुख सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सम्मेलन एवं प्रदर्शनी है। इसका आयोजन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और SEMI के सहयोग से किया जाता है।
इसका उद्देश्य सिर्फ चिप निर्माण की तकनीक को प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि भारत में एक ऐसा पूरा इकोसिस्टम विकसित करना है जिसमें चिप डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग, टेस्टिंग, उपकरण, प्रतिभा और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तक की पूरी वैल्यू चेन तैयार हो सके।)
600 से ज्यादा कंपनियां और 52 देशों की भागीदारी
SEMICON India 2026 में 600 से अधिक कंपनियों और प्रदर्शकों के शामिल होने की जानकारी सरकार ने दी है। इनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हैं। आयोजन में 52 देशों के प्रतिनिधियों के साथ 400 से अधिक अधिकारी और 150 से ज्यादा वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। करीब 50,000 आगंतुकों के पहुंचने का अनुमान है।
यशोभूमि में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 15,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां छह देशों के पवेलियन, 12 राज्यों के बूथ, स्टार्टअप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन भी शामिल हैं।
दुनिया की बड़ी कंपनियों की मौजूदगी
SEMICON India 2026 में सेमीकंडक्टर उद्योग की कई बड़ी वैश्विक और भारतीय कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इनमें ASML, Applied Materials, Infineon, Micron, Lam Research, Tokyo Electron, IBM Research, NXP, Tata Electronics, CG Power, Jabil और कई अन्य कंपनियां शामिल हैं।
इससे भारत के लिए यह मंच केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि टेक्नोलॉजी साझेदारी, निवेश, सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग सहयोग के अवसर पैदा करने वाला मंच बनता है।
PM मोदी का ‘फ्यूचर मंत्र’ क्या है?
SEMICON India 2026 का मूल संदेश भारत को केवल चिप खरीदने वाले बाजार के रूप में नहीं, बल्कि चिप डिजाइन, निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स के वैश्विक इकोसिस्टम का हिस्सा बनाने से जुड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग, निवेश, इनोवेशन और प्रतिभा विकास को महत्व दिया है। कार्यक्रम का फोकस भी इसी दिशा में है। सरकार के मुताबिक SEMICON India 2026 का उद्देश्य भारत की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ सहयोग और निवेश को गति देना है।
इसका व्यापक संदेश यह है कि आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का हिस्सा नहीं रहेगा, बल्कि अर्थव्यवस्था, ऑटोमोबाइल, मोबाइल, रक्षा, एआई, डेटा सेंटर, टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी की बुनियाद बनेगा।
क्यों महत्वपूर्ण हैं सेमीकंडक्टर?
आज स्मार्टफोन से लेकर कार, कंप्यूटर, मेडिकल उपकरण, सैटेलाइट, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक लगभग हर आधुनिक तकनीक में सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल होता है।
इसी वजह से चिप की सप्लाई में व्यवधान का असर पूरी इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत के लिए घरेलू सेमीकंडक्टर क्षमता विकसित करना रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार का आकार 2025 में करीब 796 अरब डॉलर था और 2030 तक इसके 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। वहीं भारत की सेमीकंडक्टर मांग करीब 50 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक लगभग 103 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
‘Semicon 2.0’ पर भी जोर
SEMICON India 2026 को भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण से जोड़कर देखा जा रहा है। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब शुरुआती चिप निर्माण क्षमता से आगे बढ़कर अधिक व्यापक और एकीकृत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इसमें सिर्फ फैब स्थापित करना ही लक्ष्य नहीं है। चिप डिजाइन, पैकेजिंग और टेस्टिंग, उपकरण निर्माण, रिसर्च, कुशल मानव संसाधन और वैश्विक कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी साझेदारी को भी महत्व दिया जा रहा है।
PM मोदी ने ग्लोबल चिप कंपनियों के प्रमुखों से भी की बैठक
SEMICON India के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमुख वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठक भी की। इसमें Micron, ASML, Infineon, Applied Materials, Tokyo Electron, AMD, Intel और Tata Electronics जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस बैठक का फोकस भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण, निवेश, प्रतिभा और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर रहा।
भारत के लिए क्या बदल सकता है?
SEMICON India 2026 को भारत के लिए कई स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहला-मैन्युफैक्चरिंग: भारत में चिप निर्माण और उससे जुड़े उद्योगों का आधार मजबूत हो सकता है।
दूसरा-निवेश: वैश्विक कंपनियों के लिए भारत में नई परियोजनाओं और साझेदारियों के अवसर बढ़ सकते हैं।
तीसरा-रोजगार: सेमीकंडक्टर डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च में उच्च-कौशल वाली नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं।
चौथा-टेक्नोलॉजी: भारत में चिप डिजाइन और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च को बढ़ावा मिल सकता है।
पांचवां-सप्लाई चेन: वैश्विक कंपनियों के लिए भारत वैकल्पिक और अधिक विविध सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकता है।
भारत की चिप यात्रा अब किस दिशा में?
भारत लंबे समय से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अब सरकार का जोर नीति से आगे बढ़कर वास्तविक उत्पादन, निवेश और इकोसिस्टम निर्माण पर है।
SEMICON India 2026 इसी बदलाव को दुनिया के सामने दिखाने का एक बड़ा मंच बन गया है। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक यशोभूमि में आयोजित किया जा रहा है।
SEMICON India 2026 को भारत की टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है। ‘Silicon to Systems’ की थीम इस बात पर जोर देती है कि भारत की कोशिश केवल चिप बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने की है।
दुनिया की बड़ी कंपनियों की भागीदारी और भारत की बढ़ती घरेलू मांग के बीच अब असली चुनौती इस रुचि को निवेश, उत्पादन, तकनीकी क्षमता और कुशल प्रतिभा में बदलने की होगी। SEMICON India 2026 इसी दिशा में भारत की अगली छलांग का मंच बनकर सामने आया है।
PM Modi के 76वें जन्मदिन पर पुतिन का खास संदेश, बोले- ‘वैश्विक मंच पर आपका बड़ा रुतबा’
