वैभव सूर्यवंशी को किसने दी सलाह, कहा- IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट में है बड़ा फर्क

15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है। आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने टीम इंडिया के लिए भी डेब्यू कर लिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआती चुनौतियों ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट से आगे का सफर कहीं अधिक कठिन होता है। इसी बीच भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने सूर्यवंशी को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है।

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले रहाणे का मानना है कि वैभव में अपार प्रतिभा है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में किसी बड़े निष्कर्ष पर पहुंचाना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज को समय, अनुभव और निरंतर मौके मिलने चाहिए, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढाल सके।

टेस्ट क्रिकेट को लेकर क्या बोले रहाणे?

‘स्टिक टू क्रिकेट’ पॉडकास्ट में जब रहाणे से पूछा गया कि क्या वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं, तो उन्होंने संतुलित जवाब दिया। रहाणे ने कहा कि अभी इस बारे में कोई भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। उनका मानना है कि सूर्यवंशी अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं और उन्हें सभी प्रारूपों की मांग को समझने के लिए समय चाहिए।
इस चर्चा के दौरान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेस्टेयर कुक, माइकल वॉन, डेविड लॉयड और फिल टफनेल भी मौजूद थे। इससे पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी कह चुके हैं कि अनुभव के साथ सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट की तकनीकी और मानसिक चुनौतियों का सामना करना सीख जाएंगे।

IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट में है बड़ा अंतर

रहाणे ने कहा कि आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करना निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव पूरी तरह अलग होता है। उनके अनुसार, देश के लिए खेलते समय हर गेंद, हर रन और हर निर्णय की अहमियत कई गुना बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि आईपीएल में 4-5 ओवर में 70 रन बनाना कई बार संभव हो जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में विपक्षी गेंदबाज, परिस्थितियां और दबाव इस चुनौती को कहीं अधिक कठिन बना देते हैं। इसलिए वैभव को बिना किसी अतिरिक्त अपेक्षा के अपना स्वाभाविक खेल खेलने देना चाहिए।

IPL में बनाया था रिकॉर्ड

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा और इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत उतनी प्रभावशाली नहीं रही। इंग्लैंड दौरे पर खेले गए तीन टी20 मुकाबलों में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हुए। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी करते हुए तीन मैचों में 151 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। इस दौरान उन्होंने एक अर्धशतक और एक शानदार 81 रन की पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

आगे की राह

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य बन सकते हैं, लेकिन उनके विकास की प्रक्रिया में धैर्य सबसे महत्वपूर्ण होगा। आईपीएल की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार दोहराने के लिए तकनीक, मानसिक मजबूती और अनुभव की आवश्यकता होती है। अजिंक्य रहाणे की सलाह भी इसी दिशा में है कि युवा बल्लेबाज पर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए और उसे अपने खेल को स्वाभाविक रूप से विकसित करने का अवसर मिले।

अगर वैभव इसी तरह सीखते हुए आगे बढ़ते हैं, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के लिए तीनों प्रारूपों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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