Parliament Monsoon Session 2026 : संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए बच्चों और युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है और उन पर लाठीचार्ज किया गया।
खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने NEET पेपर लीक मामले पर भी सरकार से जवाब मांगा और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
लोकसभा में भी विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
लोकसभा में भी विपक्षी सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन पहुंचे। सांसदों ने NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
कानून मंत्री ने पेश किया अहम बिल
हंगामे के बीच कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक पेश किया। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी और न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
पीएम मोदी ने दिया सहयोग का संदेश
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जैसे मानसून खेती के लिए महत्वपूर्ण होता है, वैसे ही मानसून सत्र लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। संसद में तर्क और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।”
उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि संसद की गरिमा बनाए रखें और जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक बहस करें।
पहले दिन ही गरमाया राजनीतिक माहौल
मानसून सत्र के पहले दिन जिस तरह विपक्ष ने NEET पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और जंतर-मंतर के मुद्दे उठाए, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में संसद में इन विषयों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने पक्ष को मजबूती से रखने की तैयारी में हैं।