Uttarakhand Budget Session: ‘डबल इंजन से मिल रही रफ्तार’, बजट सत्र में सीएम धामी ने गिनाईं उपलब्धियां
Uttarakhand Budget Session: मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। जिन्होंने इस राज्य की नींव रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन से राज्य को नई दिशा और गति मिल रही है।
Uttarakhand Budget Session: पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ उत्तराखंड लगातार प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पहचान को सुरक्षित रखने के लिए पिछले चार वर्षों में कई कठोर फैसले लिए गए हैं और आगे भी जरूरत पड़ने पर ऐसे कदम उठाए जाएंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी को दिया राज्य गठन का श्रेय
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है, जिन्होंने इस राज्य की स्थापना की नींव रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के कारण राज्य को नई दिशा और गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस बार पेश किया गया बजट कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
यह मौजूदा विधानसभा का अंतिम पूर्ण बजट होने के साथ-साथ राज्य के भविष्य के विकास की रूपरेखा तय करने वाला दस्तावेज भी है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार 1.11 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का ब्योरा नहीं, बल्कि राज्य के लगभग सवा करोड़ लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य की जीएसडीपी में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और प्रति व्यक्ति आय में करीब 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट भी 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसके अलावा निवेश, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है।
रोजगार और उद्योगों को मिला बढ़ावा
सरकार ने रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 30 से ज्यादा नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। वहीं स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर करीब 1750 तक पहुंच गई है। पर्यटन, होटल और होमस्टे सेक्टर में भी तेजी से विकास हुआ है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। इसके अलावा हेली सेवाओं और हेलीपोर्ट की संख्या बढ़ने से पर्यटन और कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिली है।
नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए सख्त नकलरोधी कानून लागू किया है। उनके अनुसार उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जो पिछले सरकारों की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के मामलों में आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों समेत 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
समान नागरिक संहिता और अन्य बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है। इस कानून के जरिए महिलाओं को समान अधिकार देने और समाज में समानता व न्याय को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके अलावा राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सख्त भू-कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किए गए हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में लगभग दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं। सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना जैसी योजनाएं राज्य के विकास को नई रफ्तार देंगी।
किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं
सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके तहत राज्य की करीब 1.70 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहलें की गई हैं।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। इसी कारण धार्मिक, साहसिक, ईको और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि केदारखंड और मानसखंड मंदिरों के विकास, शीतकालीन यात्रा, फिल्म पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से राज्य की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है।