September 17, 2019
उत्तर प्रदेश राजनीति

‘अब उत्तर प्रदेश में वसूला जाएगा ‘गो सेवा सेस’

लखनऊ: उत्तर परदेश सरकार ने नये साल के मौके पर कई बड़े फैसले लिए हैं. जिसमें अहम् गो सेवा से जुड़ा हुआ है. राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को 5 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी.

बतादें कि उत्तर परदेश में गाय ओर गोवंश का मुदा काफी विवादों में रहता है. ऐसे में गाय और गो वंश को लेकर योगी सरकार ने प्रदेश की पंचायतों, नगर पालिका और नगर निगमों में स्थाई गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और संचालन नीति का निर्धारण करने का बड़ा फैसला लिया है. वहीँ इसलिए खर्च के लिए राज्य सरकार ने कुछ चीजों पर सेस भी लगाया है. के रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश में नया गो सेवा सेस भी लागू​ किया गया है. यह सेस प्रदेश में बिकने वाली शराब में से वसूला जाएगा.

राज्य में गो वंश को बेसहारा छोड़े जाने एक बाद वह खेतों कोई नुकसान पहुंचाते हैं, साथ ही कई जगहों पर दुर्घटना का अभी कारण बनते हैं. ऐसे में इन गाय ओर गो वंशों को आश्रय केन्द्रों में पनाह दी जायेगी. इसके रख रखाव के लिए राज्य सरकार ने गो सेवा सेस लागू किया है, साथ ही सरकार की ओर से भी सहायता मुहैया करवाई जायेगी. सरकारे की नई प्रभावी नीति नीति के तहत प्रदेश के ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाकर चलाया जाएगा. ये कभी भी हटाया भी जा सकेगा. साथ ही पशुपालन विभाग से इसमें सेवाएं दी जाएंगीं.

इन गोवंश से उत्पादित दूध, गोबर, कम्पोस्ट आदि को बेचकर आश्रय स्थल को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. वहीँ इन स्थलों के निर्माण के लिए मनरेगा, स्थानीय निकायों की संचित निधि, वित्त आयोग, खनिज विकास निधि, रायफल निधि, सांसद क्षेत्र विकास निधि, विधायक क्षेत्र विकास निधि आदि धन लिया जायेगा. हर जनपद में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में कम से कम 1000 आश्रय स्थल बनाए जाएंगे. जहाँ केयर टेकर, पर्यवेक्षण अधिकारी की भी व्यवस्था की जाएगी.

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