September 15, 2019
लाइफस्टाइल

क्यों मशहूर है मूलचंद पराठे वाला

पिछले चार दशकों से दिल्ली में मूलचंद परांठे वाला बहुत मशहूर है. मूलचंद में फलाईओवर के पास ही इनका ये फूड्डी अड्डा है. यह सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि दिल्ली से बाहर भी कई जगहों पर मशहूर है.

  • लोगों की खास पसंद है मूलचंद के पराठें
  • अक्सर लोगों का जमावड़ा लगा रहता है

दुकान के मालिक राम लाल खट्टर का  कहना है “पिछले 42 सालों से यहां पर परांठे बनाकर लोगों को खिला रहे है. उनके भाई सुभाष खट्टर भी साथ काम करते हैं”. दिल्ली में अब उनकी तीन दुकाने हैं. सन् 1975 में राम लाल खट्टर ने यहां पर ठेला लगाकर परांठे बनाने से शुरूआत की थी. हाल में तीन साल पहले ही मूलचंद मेट्रो स्टेशन के नीचे एक बड़ी दुकान खोली है.

दुनिया में ऐसी जगह जरूर होती है जिसकी चर्चा लोग करते नहीं थकते हैं साथ ही वह लोगों के आकर्षण का केंद्र भी होती हैं. इसी का उदाहरण दिल्ली में मूलचंद के परांठे वाला है. यहां पर कई तरह के परांठे मिलते हैं.

दुकान मालिक सुभाष खट्टर ने बताया “जब यहां पर परांठे बेचने का कारोबार शुरू किया था तब सिर्फ दो तरह के परांठे ही बनाते थे एक आलू के परांठे और दूसरा अंडे के परांठे. लोगों को  हमारे हाथों के बने परांठों का स्वाद इतना पसंद आया कि अब यहां पर 28 तरह के परांठे मिलते हैं. खास बात ये है कि परांठे बनाने का तरीका बहुत ही सादा है”.

यहां पर परांठे पर बहुत सारा मक्खन डालकर दिया जाता है साथ में प्याज और हरी चटनी. इतना ही नहीं उसके साथ एक खास मिर्ची का अचार भी देते हैं, जिसे बाजार से नहीं खरीदा जाता बल्कि वो इनके घर पर ही बनाया जाता है.

वहीं पर पराठें खा रही मीना बताती है कि मैं यहां अक्सर अपने दोस्तों के साथ पराठें खाने आती हूं. मुझे यहां आना बहुत अच्छा लगता है. यहां जैसे पराठें शायद ही कहीं और मिलें और उसके साथ लस्सी मजें को दुगना बना देती है.

पहले ये पंराठे की दुकान आधी रात तक खुली रहती थी. लेकिन अब ये सिर्फ सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक ही खुलती है. यहां के पराठें का आकार बड़ा होता है फिर भी वह सिर्फ लोगों के पेट भरने का काम करता है मन नहीं.

रिपोर्ट: सिमरन शर्मा, दिल्ली

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