April 23, 2019
शिक्षा

याद कर: जनरल नॉलेज और महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पूछा जाएगा यह सवाल…

नई दिल्ली: देश को आज पहला लोकपाल मिल गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहले लोकपाल पूर्व जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई है. जोकि भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाली सबसे बड़ी संस्था है.

बतादें कि कुछ ही समय पहले नीति चयन समिति ने लोकपाल के लिए कुछ नामों की सिफारिश की थी. जिसके बाद देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें मंजूरी दे दी थी. जिसमें लोकपाल के रूप में जस्तिक पिनाकी के अलावा न्यायिक सदस्यों के साथ ही कमिटी में 4 अन्य सदस्यों के तौर पर दिनेश कुमार जैन, अर्चना रामसुंदरम, महेंद्र सिंह और डॉक्टर इंद्रजीत प्रसाद गौतम भी शामिल हैं. शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई.

इसी के साथ देश को पहला लोकपाल भी मिल गया है. वहीँ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष के देश के पहले लोकपाल के रूप में जाने जांएगे. शपथ के दौरान उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई भी मौजूद रहे. आपको जानकारी के लिए बतादें कि भारत में लोकपाल की मांग लम्बे अरसे से चली आ रही थी. अन्ना आन्दोलन भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकपाल की मांग को लेकर ही हुआ था.

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2014 के लोकसभा चुनाव में ही भी यह मुद्दा उठाया गया था. वहीँ अब देश को पहला लोकपाल मिल गया है. पिनाकी चंद्र घोष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस हैं. पिनाकी मानवाधिकार संगठन से भी जुड़े रहे हैं. इसके साथ ही यह जनरल नॉलेज सहित कई अन्य परीक्षाओं में आने वाले समय में यह सवाल पूछा भी जा सकता है.

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