Sunday, May 9, 2021

18 हजार मील प्रति घंटे की रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा चीनी रॉकेट: मचा सकता है बड़ी तबाही…

राष्ट्रीय

दुनिया पर अभी कोरोना वायरस नाम की महामारी का साया ख़त्म भी नहीं हुआ है कि एकबार चीन ने फिर से कई देशों को संकट में डाल दिया है. दरअसल इस बार चीनी वायरस नहीं बल्कि चीनी रॉकेट चिंता का कारण बना हुआ है. चीन का अनियंत्रित रॉकेट बेकाबू होकर सीधा धरती की ओर वापस आ रहा है. जिससे बड़ी तबाही हो सकती है.

चीनी सेना, चीनी वायरस और चीन के खतरनाक इरादों वाले मिशनों से पूरी दुनिया परेशान है. चीन के वुहान से निकला कोरोना वायरस पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को निगल गया है. लाखों लोग मारे गये और करोड़ों बीमार हैं, लेकिन अब एकबार फिर से दुनियाभर के देशों पर चीन की छोड़ी गयी नई मुसीबत गिरने वाली है. दरअसल अंतिरक्ष की दौड़ में चीन आगे निकलने की सनक में कुछ भी करने को तैयार है.

चीनी वायरस के बाद अनियंत्रित चीनी राकेट मचा सकता है बड़ी तबाही: कई देश अलर्ट पर…

फिर भले ही उससे पूरी दुनिया क्यों न तबाह हो जाए? ऐसा ही कुछ इसबार हुआ है. चीन द्वारा छोड़ा गया 21 टन वज़न वाला एक रॉकेट अनयंत्रित होकर धरती की ओर ही लौट रहा है. अगर यह रॉकेट किसी रिहायशी इलाके पर गिरता है तो बड़ी जनहानि हो सकती है. CNN की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी एजेंसी पेंटागन अनियंत्रित चीनी रॉकेट की तलाश कर रहा है.

अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता माइक हॉवर्ड ने कहा कि चीन के लॉन्ग मार्च 5B रॉकेट के पृथ्वी के वायुमंडल में 8 मई के आसपास प्रवेश करने की उम्मीद है. हमारी स्पेस कमांड चीनी रॉकेट को ट्रैक करने में जुटी है. फिलहाल अभी तक उसे ट्रैक नहीं किया जा सका है. चीन ने 29 अप्रैल को लॉन्ग मार्च 5B  रॉकेट को लॉन्च किया था, लेकिन अंतरिक्ष में जाने के बाद ये अनियंत्रित हो गया.

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वैज्ञानिकों के अनुसार रॉकेट की स्पीड के कारण उसका पता लगा पाना मुश्किल हो रहा है की वह कहाँ गिरेगा? वैज्ञानिकों ने आगे कहा, ‘वैसे धरती के वायुमंडल में आते ही रॉकेट का अधिकतर हिस्सा जल जाएगा, लेकिन अगर छोटा सा भी हिस्सा रिहायशी इलाके में गिरा तो बड़ी तबाही मचा सकता है. मशहूर खगोलविद और हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ जोनाथन मैकडोवेल ने कहा कि, ‘रॉकेट 18,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में यह कहाँ गिरेगा इसका सटीक अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है. वैज्ञानिकों द्वारा रॉकेट का मलबा बीजिंग, प्रशांत महासागरीय क्षेत्र, न्यूयॉर्क, मैड्रिड न्यूजीलैंड और चीली के आसपास गिरने की संभावना बताई गयी है.

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