June 19, 2019
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नीरव मोदी को गिरफ्तार करने के लिए ब्रिटेन ने मांगे दस्तावेज, भारत सरकार ने नहीं दिया जवाब

नई दिल्ली: हाल ही में भारतीय बैंकों को चूना लगातार विदेश भागे हीरा कारोबारी को लंदन में देखा गया था. जिसके बाद ब्रिटेन सरकार ने उसपर करवाई करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए भारत से कुछ दस्तावेज मांगे हैं. लेकिन अभी तक भारत ने ब्रिटेन सरकार को कोई जवाब नहीं दिया है.

बतादें कि एनडीटीवी की खबर के अनुसार भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी के खिलाफ भारत ने अभी भी संदेहास्पद रवैया अपनाया हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यूके की एक कानूनी टीम ने नीरव मोदी के खिलाफ कार्रवाई में मदद करने के लिए भारत आने की पेशकश की, लेकिन कथित तौर पर भारत से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि लंदन के सीरियस फ्रॉड ऑफिस से पता चला है कि पहली बार भारत ने ब्रिटेन को जो अलर्ट भेजा था, वह फरवरी 2018 में म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी के तहत था. यह सीबीआई द्वारा नीरव मोदी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में हजारों करोड़ रुपये की कर चोरी के आरोप में पहली बार आपराधिक मामला दर्ज करने के तुरंत बाद भेजा गया था.

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वहीँ उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय मनी लांड्रिंग रोधी कानून के तहत एक अनुपूरक आरोप पत्र दायर किया है. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि हीरा कारोबारी तथा अन्य के खिलाफ यह आरोप पत्र मुंबई स्थित विशेष मनी लांड्रिंग रोधी कानून अदालत के समक्ष दायर किया गया है. ब्रिटेन के एक समाचार पत्र ने नीरव मोदी के लंदन के वेस्ट एंड इलाके में 80 लाख पौंड के आलीशान अपार्टमेंट में रहने और नए सिरे से हीरा कारोबार शुरू करने की जानकारी दी है. दरअसल इससे पहले भी यह आरोप लगाया जा चुका है कि नीरव मोदी-मेहुल चोकसी को भारत से बाहर निकालने में कई बड़े लोगों का भी हाथ हो सकता है, ऐसे में अगर इस बात में जरा अभी सच्चाई है तो विपक्ष के उस आरोप को बल मिलेगा जिसमें इस तरह का आरोप लगाया गया था. फिलहाल अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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