Thursday, July 29, 2021

लॉकडाउन के बीच School Fee को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अब स्कूलों की मनमानी…

राष्ट्रीय

देश में एकबार फिर से कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेजी से पैर पसारने लगी है. इसी बीच देश के कई राज्यों ने अपने यहाँ लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगा दी है. जिसके बाद स्कूल भी बंद हो गये है. ऐसे में निजी और गैर सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस वसूली को लेकर कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है.

बतादें की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान के 36,000 गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को निर्देश देते हुए कहा है कि. ‘शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए छात्रों से सालाना 15% कम फीस वसूल करें’. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने 128 पन्नों के अपने फैसले में साफ किया कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए छात्रों या अभिभावकों द्वारा शुल्क का भुगतान छह बराबर किस्तों में किया जाएगा. कोर्ट ने कहा की यह मानने से इनकार नहीं किया जा सकता है कि, ‘महामारी के कारण लागू पूर्ण लॉकडाउन की वजह से लोगों, उद्योग जगत और पूरे देश पर गंभीर असर पड़ा है.

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जस्टिस खानविलकर ने फैसले में ख़ास तौर पर उल्लेख किया कि इस तरह के आर्थिक संकट में बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गईं. इस फैसले में कहा गया, ‘अपीलकर्ता (स्कूल) अपने छात्रों से शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए कानून के तहत निर्धारित व्यवस्था के अनुसार शुल्क तय करें, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2020­-21 के लिए लॉकडाउन, आर्थिक पाबंदियों और छात्रों द्वारा इस्तेमाल न की गईं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए फीस 15% कम ली जाए. स्कूल और भी छूट दे सकते हैं.

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