January 19, 2020
राजनीति

‘दुष्यंत चौटाला चाबी खोजते रहे तबतक शाह ने हथौड़े से तोड़ दिया ताला’

डेस्क: हरियाणा विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद शाम तक यह लग रहा था कि राज्य में कांग्रेस पार्टी, जेजेपी और अन्य निर्दलीय मिलकर सरकार बना सकते हैं. लेकिन शाम ढलने के बाद बाजी बीजेपी की ओर चली गयी और संख्या बदल में बड़ी पार्टी होने के कारण कई निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी को समर्थन दे दिया है. ऐसे में अब जेजेपी के प्रमुख दुष्यंत चौटाला के पास कौन सी सत्ता में किंग मेकर बनने की चाबी बची है?

बतादें कि शुक्रवार को जेजेपी के प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जो भी उनकी शर्ते मानेगा उसे उनके पार्टी समर्थन देगी. शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि, ‘जो पार्टी हमारे कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की बात मानेगा, हमारी पार्टी उसी के साथ जाएगी और समर्थन देगी. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से बात की है, पिता अजय चौटाला ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी को कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है.

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आगे उनकी शर्त में बताया गया है कि राज्य में नौकरी के मामलों में पहले राज्य के लोगों को वरीयता दी जायेगी. उनके लिए एक तरीके का रिजर्वेशन किये जाने जैसी मांगे जो भी पार्टी मानेगी उसी को वह समर्थन देंगे. उन्होंने कहा अभी भी सत्ता की चाबी उनके पास है. ऐसे में सोशल मीडिया पर दुष्यंत चौटाला को लेकर काफी चर्चा हो रही है.

कई लोगों ने लिखा है कि सरकार बनाने को लेकर चौटाला ने देरी कर दी है. तो एक एफबी यूजर ने लिखा है कि दुष्यंत चाबी खोजते रहे तबतक अमित शाह ने हथौड़े से ताला तोड़ दिया. दरअसल चुनाव में दस सीटें सीटने वाली जेजेपी ने अभी तक समर्थन देने का फैसला नहीं ले पाया है, जबकि 40 सीटों वाली सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को कई निर्दलीय विधायकों ने समर्थन दे दिया है.

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