Thursday, July 29, 2021

अकाउंट लॉक नहीं:-अपने ताबूत में एक-एक कर कील ठोक रहा है Twitter

राष्ट्रीय

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर और भारत सरकार के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. शुक्रवार को देश के केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्विटर ने उनका अकाउंट करीब एक घंटे तक के लिए लॉक कर दिया. इस दौरान वह लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं. इसकी जानकारी उन्होंने देशी माइक्रो ब्लोगिंग साईट कू एप पर डी. उसके बाद अनलॉक होने के बाद ट्विटर पर भी उन्होंने यह जानकारी साझा की.

ट्विटर और बी हार्ट सरकार के बीच चूहे बिल्ली का खेल जारी है. किसान आन्दोलन के दौरान से दोनों के बीच शुरू हुआ विवाद अब लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले दिनों बीजेपी और संघ के नेताओं के अकाउंट पर ट्विटर ने एक्शन लिया. कई नेताओं के बयानों और पोस्ट पर मार्क लगाने के बाद अब मामला बढ़कर देश के कानून मंत्री के ट्विटर हैंडल को ही लॉक करने तक आ गया है. शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद का ट्विटर अकाउंट लॉक कर दिया गया.

ट्विटर ने कार्रवाई को कंपनी की पॉलिसी के उल्लंघन को कारण बताया. ट्विटर ने बाते की कानून मंत्री के अकाउंट ने अमेरिकी पालिसी का उल्लंघन किया है. जिसके आधार पर उनके अकाउंट पर एक्शन लिया गया है. दरअसल इस एक्शन को दूसरे या कहें की असलियत के नजरिये से देखा जाए तो मामला शीशे की तरह साफ़ हो जाएगा. पिछले दिनों भारत के नए आईटी कानून को लेकर केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच तनातनी देखी गई. कानून मंत्री ने ही हर बार आकर ट्विटर को भारतीय कानून और संविधान का पाठ पढाया. जिसके बाद ट्विटर ने उनके ही अकाउंट पर कार्रवाई करते हुए उन्हें लॉक कर दिया. जिसके बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ट्विटर की कार्रवाई आईटी के नियमों के खिलाफ है. ट्विटर ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया.

इससे साबित होता है कि ट्विटर नए नियमों को नहीं मानना चाहता है. आगे प्रसाद ने कहा कि, ‘मनमानी, असहनशीलता को लेकर मैंने जो टिप्पणियां की है, स्पष्ट तौर पर यह उसकी झल्लाहट है. उन्होंने कहा कि कोई भी प्लेटफॉर्म कुछ भी कर ले आईटी को लेकर नया कानून मानना ही पड़ेगा. इसे लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. भारत सरकार और ट्विटर के बीच लम्बे समय से मामला 36 का आंकड़ा बना हुआ है. कृषि कानून के खिलाफ हुए कथित किसान आन्दोलन के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा में ट्विटर की बड़ी भूमिका रही है. ट्विटर के जरिये ही देश में आग लगाने की कोशिश की गयी.

तीसरी लहर की आहट: डेल्टा प्लस वेरिएंट के 48 मामले-क्या वैक्सीन बचा पाएगी आपकी जान…  

उधर सामाजिक कार्यकर्ता ग्रेटा द्वारा गलती से आन्दोलन की टूलकिट ट्विटर पर शेयर कर दिए जाने के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आया था. जहाँ पता चला था कि किसान आन्दोलन कोई भड़काने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी फर्जी अकाउंट के जरिये ट्वीट करवाए थे. इसके बाद से सरकार और ट्विटर के बीच घमासान जारी है. हाल ही में सरकार ने ट्विटर से आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिली सुरक्षा का अधिकार छीन लिया था. इसके बाद अब किसी भी ट्वीट के लिए ट्विटर स्वयं जिम्मेदार होगा.

काश 30-40 रन और बना पाती हमारी टीम: हार के बाद बोले कप्तान कोहली

इस अधिकार के छिनने के बाद देशभर में कई जगह ट्विटर के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी हैं. उधर आज की घटना के बाद ट्विटर और सरकार के बीच विवाद फिर से बढ़ गया है. उधर यूजर्स ट्विटर को बैन किये जाने की मांग करने लगे हैं. लोगों ने कहा की ट्विटर अपने अपने ताबूत में एक एक कील ठोक रहा है.

देश दुनिया की ख़बरों से अपडेट रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें.

- Advertisement -

More Article

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
- Advertisement -




Latest News