August 9, 2020
राजनीति

CAB के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका, भेदपूर्ण बताकर रद्द करने की मांग

नई दिल्ली:  नागरिकता संशोधन बिल पर भले ही राज्यसभा से मुहर लग गयी है. लेकिन अभी इसकी राह आसान नहीं नजर आ रही है. बुधवार शाम को राज्यसभा में चर्चा के बिल पास हो गया है तो गुरुवार सुबह ही इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी गयी.

न्यूज़ एजेंसी ANI की खबर के अनुसार नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने याचिका लगाई है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी के चार सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाते हुए इस विधेयक के जरिये सरकार धर्म के आधार पर भेदभाव कर रही है. जबकि संविधान धर्म के आधार पर वर्गीकरण की इजाजत नहीं देता.

CAB: संसद से सड़क तक संग्राम, असम में स्टेशन फूंकी, उड़ाने भी रद्द  

बिल को संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन  बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गयी है. रिपोर्ट के अनुसार मुस्लिम लीग ने याचिका में कहा, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक बिल संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत ट्वीन टेस्ट पर खरा नहीं उतरता है. साथ ही यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ भी है. अतः इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट रद्द करे’. आपको जानकारी हो कि बुधवार शाम को ‘ऐतिहासिक’ नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई है. वहीँ राज्यसभा से पास होने के बाद अब नागरिकता संशोधन बिल को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद भेजा जाएगा.

Loading...

अयोध्या मामले में आज को आएगा 18 पुनर्विचार याचिकाओं का फैसला

नागरिकता संशोधन बिल को लोकसभा पहले ही पास कर चुकी है. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को नागरिकता का रास्ता साफ़ हो जाएगा. राज्यसभा से बिल पास होने पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक दिन करार दिया है. वहीँ इस बिल का भाई भी विरोध रुक नहीं रहा है. पूर्वोत्तर के राज्यों में बिल के विरोध में हिंसा, आगजनी और प्रदर्शन हो रहे हैं. असम में कई जगह पर कर्फ्यू तक लगाया गया है.

 

Loading...

Related Posts

Leave a Reply