July 2, 2020
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कोरोना पर विपक्षी दलों की चार घंटे बैठक: एक सुर में कहा-मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया…

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कारण देश में करीब दो माह से पूर्ण लॉकडाउन लगा हुआ है. जिससे लगातार आम आदमी, परेशान है. ऐसे में एकबार फिर से विपक्षी दलों ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को तमाम विपक्षी दलों के नेताओं की हुई बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में कोरोना वायरस से निपटने के मामले में मोदी सरकार को फेल करार दिया है.

कोरोना वायरस के कारण देश में बने आर्थिक सामाजिक हालातों को लेकर मोदी सरकार पर पहले से ही सवाल खड़े हो रहे थे. वहीँ अब विपक्ष भी कोई मौक़ा छोड़ना नहीं चाहता है. शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर एक सुर में हमला किया. बैठक में सोनिया गांधी ने कोरोना संकट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा.

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सोनिया गांधी ने कहा कि इस महामारी से अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका लगा है. प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों ने बड़े पैमाने पर राजकोषीय प्रोत्साहन दिए जाने की तत्काल आवश्यकता की सलाह दी थी. उन्होंने सरकार की नीति ओर नियम पर सवाल उठाते हुए कहा है की प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया और फिर वित्त मंत्री अगले पांच दिनों तक उसका विवरण देती रहीं. यह देश के साथ एक क्रूर मजाक था. आगे बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि कोरोना को 21 दिन में खत्म करने की पीएम का दावा धराशायी हुआ. सरकार के पास लॉकडाउन को लेकर कोई प्लान नहीं था. सरकार के पास करोना संकट से बाहर निकलने की कोई नीति नहीं थी. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि, जब तमाम वैज्ञानिक, डॉक्टर और खुद WHO इस बात को मान चूका है कि कोरोना वायरस से लम्बे समय तक संघर्ष करना होगा.

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ऐसे में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन कोई आखिरी विकल्प नहीं है. जब की लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था और भी खराब हो गयी है. जिसका बड़ा असर गरीब ओर माध्यम वर्गीय लोगों पर दिखाई देना शुरू हो गया है. ऐसे में सोनिया गांधी ने कहा कि लगातार लॉकडाउन का कोई फायदा नहीं हुआ, नतीजे खराब ही निकले. कोरोना टेस्ट और पीपीई किट के मोर्चे पर भी सरकार विफल रही. लॉकडाउन लगाने एक मामले में सारी शक्तियां पीएमओ के पास हैं, वो कर्मचारियों और कंपनियों के हितों की सुरक्षा करें. विपक्ष की इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और DMK नेता एम के स्टालिन, सीताराम येचुरी सहित 22 दलों के नेता शामिल हुए थे.

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