July 17, 2019
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रोजगार के मामले में फेल हुई सरकार: 46 फीसद ने कहा अबकी बार-बस करो सरकार

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है और इस बार के चुनाव में मोदी का मुकाबला मोदी से ही है. दरअसल 2014 के लोकसभा चुनाव में जिन मुद्दों को बीजेपी ने उठाकार सरकार बनाई थी. उनमें ज्यादातर मुद्दे आज भी ताजा बने हुए हैं. फिर चाहे रोजगार का मामला हो या कोई और ही.

बतादें कि मोदी सरकार को पांच साल हो चुके हैं और 2019 के लो०क्सभा चुनाव की घोषणा भी हो चुकी है. ऐसे में अपने पांच साल के कार्यकाल मोदी सरकार पर रोजगार शिअत सैकड़ों मामलों को लेकर विपक्ष हावी रहा है, वहीँ मोदी सरकार अपने कागजी आंकड़ों के बदौलत फिर से सत्ता में वापसी का गणित लगाए बैठी हुई है.इसी बीच एक मीडिया हाउस ने एक ओपिनियन पोल किया है और इसके माध्यम से यह जानने की कोशिश की है कि देश का मूड कैसा है. नतीजे ये बता रहे हैं कि देश की जनता एनडीए सरकार में नौकरी, कालाधन, किसानों की आय और रोजगार के मुद्दे पर असंतुष्ट है.

वहीं, महंगाई, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई, देश की आर्थिक वृद्धि और स्वच्छ भारत अभियान के काम से संतुष्ट हैं. मीडिया ने युवाओं से पूछा कि, “क्या मोदी सरकार काला धन वापस ले आयी?” इसके जवाब में, “30 प्रतिशत लोगों ने ‘हां’, 53 प्रतिशत लोगों ने ‘न’ और 17 प्रतिशत लोगों ने ‘कुछ नहीं कह सकते’ कहा.”  इसके अलावा पूछा गया कि, ‘क्या मोदी सरकार में आर्थिक वृद्धि से आप संतुष्ट हैं?” इसके जवाब में, “50 फीसद लोगों ने हां, 35 प्रतिशत ने नहीं और 15 प्रतिशत ने कुछ नहीं कह सकते कहा.” तीसरे सवाल में देश के किसानों की आय को लेकर सवाल किया. तो इसके जवाब में 41 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मोदी सरकार में किसानों की आय को लेकर वह संतुष्ट हैं. वहीं, 45 प्रतिशत लोग असंतुष्ट नजर आए और 14 प्रतिशत लोगों ने कुछ नहीं कहा.

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रिपोर्ट में रोजगार जैसे मुख्य मुद्दे पर जनता मोदी सरकार नाखुश है, जोकि आगामी चुनाव में मोदी के लिए बाधा बन सकती है. साल 2014 में भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार आयी थी, ऐसे में देखना यह होगा कि इस बार मोदी चुनावी रैलियों में किस बात का नारा लगवाते हैं. फिलहाल विपक्ष से ज्यादा मोदी का मुकाबला मोदी से ही है.

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