July 2, 2020
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‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिला केंद्र सरकार से पहला दान’

डेस्क: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन को मंजूरी दे दी है. मोदी कैबिनेट ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम के ट्रस्ट को मंजूरी दी. जिसकी जानकारी लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद ही दी. वहीँ ट्रस्ट के ऐलान के बाद अब केंद्र सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को पहला दान भी दिया है.

बतादें कि बुधवार को मोदी सरकार द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ट्रस्ट की गठन को मंजूरी दे दी है. लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी जानकारी देश को दी. जहाँ उन्होंने कहा है कि कैबिनेट ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मंजूरी दी है. इस ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे.

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सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के करीब तीन माह बाद मोदी सरकार ने इस दिशा में काम करते हुए 15 सदस्यीय ट्रस्ट की घोषणा की है. लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा, ‘देश के करोड़ों लोगों की तरह यह विषय मेरे दिल के करीब है. इस बारे में बात करना मैं अपने लिए एक बड़ा सौभाग्य मानता हूं.’ आगे पीएम मोदी ने कहा, ‘मंत्रिमंडल का निर्णय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में बीते 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के मुताबिक है. शीर्ष अदालत के निर्देश के आधार पर मेरी सरकार ने अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थल पर विशाल और भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए एक वृहद योजना को स्वीकृति दे दी है. इसका निर्माण कार्य देखने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से एक ट्रस्ट गठित किया गया है. इस ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े विषयों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय करने के अधिकार होंगे.

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ट्रस्ट का रजिस्टर्ड ऑफिस दिल्ली में होगा.’ ट्रस्ट की घोषणा किये जाने के बाद सरकार ने ट्रस्टियों के नामों की घोषणा भी कर दी है. इनमें वरिष्ठ वकील के. परासरण, जगदगुरु शंकराचार्य, ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, जगदगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज (उडुपी के पेजावर मठ), युगपुरुष परमानंद जी महाराज, स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज और विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (अयोध्या) शामिल हैं. इन 15 ट्रस्टियों में एक ट्रस्टी दलित समुदाय से होगा.

उधर ट्रस्ट की घोषणा किये जाने के बाद केंद्र सरकार ने पहला दान भी दिया है. केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को एक रुपया का दान दिया है. आपको बतादें कि पिछले साल 9 नवंबर को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन का मालिकाना हक रामलला देते हुए इस विवाद का दशकों बाद निपटारा कर दिया था.

Report:- Bhaskar Tiwari

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