August 11, 2020
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कोरोना के कारण नहीं मनेगा लालबाग गणपति विसर्जन का उत्सव

मुंबई: महाराष्ट्र में गणपति विसर्जन का उत्सव भारत ही नहीं पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण महाराष्ट्र के सबसे मशहूर गणपति मंडलों में शुमार लालबाग गणपति विसर्जन का उत्सव नहीं मनाएगा.

बतादें कि देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. जिसमें महाराष्ट्र और राजधानी मुंबई सबसे अधिक कोरोना वायरस से प्रभावित हैं. ऐसे में गणपति विसर्जन का उत्सव मनाना संभव नहीं है. जिसके कारण मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सभी मंडलों को आदेश दिया था कि इस साल गणपति उत्सव हर साल की तरह न मनाया जाए, क्योंकि इसमें बड़ी तादाद में लोग जमा होते हैं.

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साथ ही उन्होंने कहा था कि गणपति की मूर्ति की ऊंचाई 4 फीट तक ही रखी जाए. सरकार के इस निर्णय के बाद बाकी गणपति मंडलों ने दो मूर्तियां बनाने का फैसला किया है. एक बड़ी मूर्ति बनाई जाएगी और एक छोटी. पूजा सिर्फ छोटी मूर्ति की ही की जाएगी. लेकिन लालबाग राजा मंडल की एक ही मूर्ति है. यहां छोटी मूर्ति नहीं है, इसलिए पूजा भी बड़ी मूर्ति की ही की जाएगी. लालबाग मंडल के अधिकारियों ने कहा है कि गणपति की लंबाई कम नहीं की जा सकती है. इतना ही नहीं, अगर छोटी मूर्ति भी लाई जाती है तो उसके लिए भी बड़ी तादाद में लोग जमा होंगे. ऐसे में कोरोना को देखते ही लालबाग प्रशासन ने फैसला किया है कि मूर्ति विसर्जन नहीं की जायेगी.

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लालबाग गणपति मंडल ने लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए न सिर्फ मूर्ति विसर्जन रोक दिया है बल्कि दूसरी तरफ ये भी फैसला किया है कि इस दौरान कोरोना प्रभावित लोगों के लिए काम किया जाएगा. लालबाग मंडल इस बार गणपति उत्सव को आरोग्य उत्सव के तौर पर मनाएगा. इसके तहत प्लाज्मा थेरेपी को प्रमुखता दी जाएगी, साथ ही कोरोना से मौत के मुंह में समाए पुलिसकर्मियों के परिवार की मदद की जाएगी.  गणपति मंडल कोरोना वायरस के संकटकाल में हेल्थ कैंपेन चला रहा है. आगे ब्लड डोनेशन कैंपेन भी चलाया जा रहा है.

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वहीँ दशकों बाद ऐसा मौक़ा आया है जब गणपति का विसर्जन का उत्सव नहीं हो रहा है. कुछ जानकारों की माने तो लालबाग के राजा की स्थापना 1934 में हुई थी और तब से लेकर अब तक यहां हर साल गणेशोत्सव को बड़े धूम धाम से मनाया जाता है.पिछले साल उत्सव में करीब सवा करोड़ गणेशभक्त शामिल हुए थे.

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