June 19, 2019
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UP: सिस्टम के निशाने पर पत्रकार- एक और घटना मारपीट कर ‘मुंह में किया पेशाब’

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में प्रशासन अपराधियों से ज्यादा पत्रकारों को निशाना बना रहा है. फ्रीलांसर पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ़्तारी के बाद यूपी से ही एक अन्य पत्रकार पर प्रशासन के अत्याचार का मामला सामने आया है.

पूरा मामला यूपी के शामली जिसले का है. जहाँ रेलवे पुलिस ने कवरेज करने गये एक पत्रकार के साथ मारपीट की बल्कि उसके मुंह में पेशाब भी किया. एक निजी चैनल में काम करने वाले पत्रकार ने अपनी आपबीती में बताया है कि, ‘वे सादी वर्दी में थे. उन्होंने मेरे कैमरे को धक्का मारा और गिर गया. मैं जब उठाने लगा तो उन्होंने मारपीट शुरू कर दी और गालियां दी. मुझे लॉकअप में बंद कर दिया गया, फोन छीन लिया गया और मेरे मुंह में पेशाब कर दिया.’ पत्रकार ने कहा कि वह शामली में पटरी से उतरी मालगाड़ी की कवरेज करने गया था. उसी दौरान रेलवे पुलिस ने उसे कवरेज करने से रोका.

इस दौरान पत्रकार के साथ मार पीट करते हुए उसे लॉकअप में डाल दिया गया है. फिलहाल घटना का वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने जीआरपी थाना प्रभारी राकेश कुमार और कांस्टेबल सुनील कुमार को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही एसपी जीआरपी मुरादाबाद को 24 घंटे में मामले की रिपोर्ट देने को कहा है. दरअसल उत्तर प्रदेश में पिछ्के कई दिनों में प्रशां के निशाने पर कई पत्रकार आ चुके हैं.

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सरकार की आलोचनात्मक खबर दिखाने के बाद प्रशासन पत्रकारों को उठा ले रहा है. हाल ही में सीएम योगी को लेकर एक पोस्ट करने वाले फ्रीलांसर पत्रकार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिल्ली से उठाया था. जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को फटकार भी लगाई. साथ ही पत्रकार को तुरंत रिहा करने का आदेश भी दिया.

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