March 25, 2019
लाइफस्टाइल

ऐसे रखें सुर्ख गुलाबी होंठ, सर्दियों की भी है बड़ी कारगार दवा… 

डेस्क: होंठ यानी की आपके चेहरे का सबसे सुंदर और कोमल अंग. जिससे आपके चेहरे की सुन्दरता, हाव भाव आदि सबकुछ झलकता है. होंठ न केवल चेहरे की खुबसूरती को तय करते हैं बल्कि होंठों और आंखों की प्रतिक्रिया से किसी व्यक्ति के मनोभावों को समझा जा सकता है.

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अमूमन होंठों का इस्तेमाल मुस्कराने, बात करने आदि के लिए करते हैं, लेकिन यही होंठ आपके शरीर की सुन्दरता का भी बोद्ज्क होते हैं. ऐसे में अगर आपके होंठ में जरा भी तकलीफ है तो आपकी सुन्दरता बेकार सी लगने लगती है.

होंठों की सबसे बड़ी समस्या होती हियो कि सर्दी या तेज हवा में होंठ फटने लगते हैं. जिससे आपके हन्थों में जलन या सूजन तक आ जाती है.

ऐसे में आपको अपने होंठों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ तरीके बताये जा रहे हैं.  पहले तो होंठों के बारे में जानिये

 होंठ की संरचना और उससे जुड़े अहम तथ्य

  • उपरी और निचली होंठ.
  • उपरी होंठ के मांसल उभार को कामुक अंग कहा जाता है.
  • होंठ की त्वचा तीन से पांच परतों में होती है.
  • होंठ की त्वचा में स्किन कलर को निर्धारित करने वाले पिगमेंट मेलानिन की मात्रा कम होती है. यही वजह है कि होंठ की त्वचा के अंदर रक्त वाहिकाएं फैली होने से होंठों का रंग गुलाबी होता है.
  • अगर किसी के होंठ की त्वचा में मेलानिन पिगमेंट की मात्रा ज्यादा होती है तो उसके होंठों का रंग काला नजर आता है.
  • होंठ की त्वचा में बाल निकलने और पसीना निकलने वाली ग्रंथियां नहीं होती हैं.
  • होंठ की त्वचा में तैलीय ग्रंथि भी नहीं होती है और यही कारण है कि होंठ जल्दी ही सूखने और फटने लगते हैं.

होंठ के कार्य

भोजन ग्रहण- होंठ में खुद की मांसपेशियां होने से यह आसानी से मूवमेंट करती हैं. भोजन को पकड़ कर मुंह में लेने, पानी पीने और चूसने में होंठ की मांसपेशियां खुद से काम करने लगती है.

आवाज- हम जो विभिन्न प्रकार की आवाजें निकालते हैं वो होंठों की वजह से ही होता है. होंठ से हम कई तरह की आवाज निकाल सकते हैं.

हाव-भाव और अभिव्यक्ति- चेहरे की अभिव्यक्ति और हाव-भाव होंठ से  समझी जा सकती है. आप जब हंसते है, रोते हैं या उत्तेजित होते हैं तो चेहरे पर इसके भाव होंठ पर ही आते हैं.

स्पर्श- होंठ की त्वचा के अंदर कई तंत्रिकाएं होती हैं जो स्पर्श इंद्रियों के हिस्से के रूप में प्रतिक्रिया करती हैं.

कामोत्तेजना- होंठ की त्वचा के अंदर तंत्रिकाओं का जाल फैला रहता है जिसके कारण होंठ की त्वचा में स्पर्श इंद्रिया काफी सक्रिय रहती हैं.

 होंठों की देखभाल

  • सर्दियों में खुश्की से होंठ फट जाएं तो उस पर आधा चम्मच दूध की मलाई में चुटकी भर हल्दी का बारीक चूर्ण मिलाकर मलने या लगाने से होंठ चिकने और मुलायम हो जाते हैं.
  • शुष्क हवा के कारण होंठ फटने पर सोते समय रात में सरसों का तेल या गुनगुने घी को नाभि में लगाएं.
  • नारियल तेल में शहद मिला कर फटे और सूखे होंठ पर लगाएं.
  • शहद, नींबू और ग्लिसरीन को मिला कर होंठ पर लगाएं. इसे लगाने होंठों का सूखना और फटना बंद होगा और होंठ गुलाबी भी होंगे.
  • सोते समय होंठों पर मक्खन की मालिश करने से होंठ गुलाबी होंगे.
  • रोजाना होंठों पर जैतून का तेल लगाने से होंठ की नमी बरकरार रहती है, होंठ फटते नहीं हैं.
  • पानी ज्यादा पीएं. इससे होंठ सूखेंगे नहीं. होंठों पर नमी कायम रहेगी.
  • स्मोकिंग न करें. स्मोकिंग से होंठों का गुलाबीपन खत्म होता है. होंठ काले हो जाते हैं.
  • गुलाब की पंखुडियों को दूध में भिगोकर रख दें. फिर इसका पेस्ट बनाकर होंठ पर लगाएं. इससे होंठ गुलाबी हो जायेंगे और होंठ मुलायम रहेंगे.
  • लिपस्टिक के बदले लिप ग्लॉस होंठों पर लगाएं. इससे लिप्स मोटे और सेक्सी दिखते हैं.
  • लिप ग्लॉस या कलर लगाने से पहले एक्सफोलिएशन जरूरी है, ताकि होंठों में चमक आएं और होंठ मुलायम बने रहें.

इन आसान तरीकों से आप सर्दियों में भी अपने होंठों को सुरक्षित बनाये रख सकते हैं.

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