July 6, 2020
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गलवान घाटी में हुई झड़प पर पूर्व सेना प्रमुख का बड़ा खुलासा: चीनी सेना के कैंप में लगी थी आग  

नई दिल्ली: लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून की रात को भारत और चीनी सेना के बीच हुई झड़प में दोनों देशों की सेनाओं को काफी नुकसान हुआ था. यह अबतक की सबसे भयानक झड़प थी. वहीँ अब इस झड़प को लेकर पूर्व सेना प्रमुख और केन्द्रीय मंत्री विपिन रावत ने बड़ा खुलासा किया है.

एक न्यूज़ चैनल को दिए इन्टरव्यू में केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने गलवान घाटी में 15 जून की रात को हुई खूनी झड़प पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कैसे चीन ने धोखेबाजी कर हमला किया, लेकिन ये दांव चीन को उल्टा पड़ गया. पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि 15 जून की शाम को हमारे कमांडिंग अफसर गलवान घाटी में यह देखने गए थे कि चीन के लोग वापस गए या नहीं. कमांडिंग अफसर ने देखा कि चीन के लोग वापस नहीं गए हैं. वो पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 के नजदीक ही डेरा जमाए थे.

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केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने बताया कि, चीनी सेना ने तंबू भारतीय सेना से इजाजत लेकर लगाया था, ताकि वो देख सके कि हम पीछे गए या नहीं. 15 जून को जब हमारी सेना गलवान में गयी तो देखा वह कि वह अभी भी बैठे हैं. जिसके बाद दोनों सेनाओं के बीच कहासुनी हुई. हमारे कमांडिंग अफसर ने तंबू हटाने का आदेश दिया. तो चीनी सैनिक तंबू हटाने लगे इसी दौरान उनके तम्बू में आग लग गई. इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच फिर से झड़प होने लगी. इस झड़प के दौरान हमारे लोग चीनी सेना के उपर हावी हो गए.

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India china army officers meeting over galwan valley dispute

झड़प के दौरान चीन ने अपने और लोग बुलाए क्योंकि वह पहले से ही गलवान घाटी में बड़ी संख्या में टिके हुए थे तो उनके लोग जल्दी पहुँच गये और हमारे लोगों को आने में  उनसे थोडा समय लग गया. देर रात तक गलवान में 500-600 सैनिक जमा हो गये और दोनों के बीच हिंसक झड़प हुई. पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने कहा कि चीन के लोग सोचकर आए थे कि भारतीय सेना पर हावी हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पहले हमारे तीन लोग हताहत हुए थे. फिर हमारे और चीनी सैनिक नदी में गिर गए थे. जिससे हमारे 17 जवान और शहीद हो गए.

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70 के करीब घायल हो गए थे. सिंह ने कहा कि चीन शायद कभी सच बताये कि गलवान में उसके कितने सैनिक मारे गये थे. लेकिन जिस तरीके से हमारे लोगों ने चीनी सैनिकों को जवाब दिया था, उससे लगता है कि शुरू में 40 से अधिक चीनी सैनिक हताहत हुए हैं जोकि बढ़ भी सकती है. वीके सिंह ने बताया कि अभी भी पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के उस ओर चीनी सेना रुकी है और इस ओर हमारी जवान डटे हैं. हमारे सेना उन्हें वहीँ रोक कर या पीछे धकेलकर सड़क बनाने का काम तेजी से कर रही है.

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