Tuesday, October 19, 2021

वैक्सीन लगवा चुके लोगों में भी हो रहा डेल्टा वेरिएंट: अब बचने का मात्र एक ही उपाय

राष्ट्रीय

कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट सबसे तेजी से संक्रमण फ़ैलाने वाला वेरिएंट बताया गया है. यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेद्रस अधनोम ने दी है. उन्होंने इस कोरोना वायरस के इस वेरिएंट को लेकर चिंता जताई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डेल्टा वायरस बहुत तेजी से फ़ैल रहा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट भारत समेत विश्व के 85 देशों में फ़ैल चुका है. यह वेरिएंट कोरोना वायरस के अन्य सभी वेरिएंट से काफी घातक बताया गया है. WHO के प्रमुख टेद्रस अधनोम ने इसे अब तक का सबसे ज्यादा संक्रामक वेरिएंट बताया है.  डराने वाली बात यह है कि डेल्टा वेरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित कर रहा है जोकि वैक्सीन ले चुके हैं.

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वैक्सीन ले चुके कई लोग डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होकर अपनी जान गँवा चुके हैं. इस लिए इस वायरस को अधिक घातक बताया गया है. WHO के प्रमुख ने कहा कि, जैसे ही हम कोरोना के प्रति लापरवाही का रवैया अपनाते हैं. वैसे ही वायरस तेजी से बढने लगता है. चिंता की बात यह है कि कोरोना वायरस लगातार खुद को बदल रहा है. इसके ट्रांसमिशन को रोकना बहुत जरूरी है. अन्यथा परिणाम घातक होंगे. दुनियाभर में कोरोना वायरस का अल्फा, बीटा गामा के बाद डेल्टा वेरिएंट सामने आया था. जोकि सबसे ज्यादा घातक और जानलेवा बताया जा रहा है.

डेल्टा वेरिएंट के लक्षण

डेल्टा वेरिएंट में लक्षण भी अलग सामने आये हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित लोगों में सुनने की क्षमता का कमजोर होना, पेट की गड़बड़ी, ब्लड क्लॉट, गैंग्रीन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. जबकि सामान्य कोरोना वायरस के अलग लक्षण हैं. वहीँ डेल्टा वेरिएंट पर मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में सर्जन हेतल मारफतिया ने एक मीडिया रिपोर्ट में बताया है की, ‘उनके पास कोरोना के कुछ मरीज बहरेपन, गर्दन के आसपास सूजन और गंभीर टॉन्सिलिटिस की शिकायत लेकर आ रहे हैं.

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उन्होंने कहा, ‘हर व्यक्ति में इस वेरिएंट के अलग-अलग लक्षण देखे जा रहे हैं.’ ऐसे में कई बार संक्रमित को एहसास भी नहीं होता है कि वह डेल्टा वेरिएंट का शिकार हो गया है. डेल्टा स्ट्रेन जिसे B.1.617.2 भी कहा जाता है. डेल्टा स्ट्रेन ने भी खुद को म्यूटेट कर लिया है. जिसके बाद इसे भारत में डेल्टा प्लस के नाम से जानते हैं. WHO के अनुसार डेल्टा वेरिएंट अन्य वेरिएंट्स की तुलना में तेजी से फ़ैल रहा और इस वेरिएंट से संक्रमित होने के बाद संक्रमित को अस्पताल जाने की आवश्यकता पड़ जाती है.

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फिलहाल WHO ने कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के ट्रांसमिशन को रोकने पर ज्यादा बल देने को कहा है. अगर ट्रांसमिशन रोकने में कामयाब हुए तो ही वायरस खुद को म्यूटेट नहीं कर पायेगा. अगर यहाँ की बात करे तो भारत में जहाँ लोग अभी भी मास्क लगाने और सामाजिक दूरी जैसे नियमों को नहीं मान रहे हैं. ऐसे में भारत में डेल्टा वेरिएंट दूसरी लहर जैसे ही भयावह स्थिति बना सकता है.

आखिरी बचाव

WHO के अनुसार जबतक वायरस खुद को म्यूटेट करता रहेगा वह उतना ही घातक हो सकता है. ऐसे में हमें डेल्टा या किसी भी अन्य वैरिएंट के ट्रांसमिशन को रोकना होगा. इसका मतलब साफ़ है कि सरकार गाइडलाइन्स को फॉलो करना होगा. घर से निकलने पर मास्क लगाना और सामाजिक दूरी बना कर रखना होगा. तभी इस वैरिएंट को फैलने से रोक सकते हैं.

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