Thursday, September 23, 2021

पेट के कीड़े मारने वाली दवा बन सकती है कोरोना का काल: दूसरे चरण का ट्रायल शुरू

राष्ट्रीय

कोरोना महामारी की भारत में दूसरी लहर कमजोर पड़ने लगी है. इसी बीच खबर है की वुहान वायरस के खिलाफ वैज्ञानिकों को एक अन्य दवा ने भी काफी प्रभावित किया है. कोरोना वायरस से बचाव के लिए अभी कोविदशील्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक जैसी वैक्सीन और अन्य दवाओं का इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में वैज्ञानिकों को जो नई दवा काफी प्रभावी लगी है. उस पर अब ट्रायल किया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस से उपचार के लिए देश की तमाम संस्थाएं प्रयोइगों में लगी हुईं हैं. इसी बीच वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) इंडिया और लैक्‍साई लाइफ साइंसिस प्राइवेट लिमिटेड ने एक ऐसी दवा को कोरोना के खिलाफ प्रयोग में लाने पर ट्रायल शुरू किया है जिससे अभी तक पेट के कीड़े मारे जाते थे. अब ही तक के हुए परीक्षणों में पता चला है की पेट के कीड़े मारने वाली दवा निकोलसमाइड कोरोना से लड़ने में समक्ष है. वैज्ञानिक इस दवा के दूसरे ट्रायल पर काम कर रहे हैं.

जहाँ अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों पर इस दवा का परीक्षण किया जाएगा. जिसमें देखा जाएगा कि यह दवा निकोलसमाइड कोरोना मरीजों पर क्या प्रभाव करती है. इस बारे में डीजी-सीएसआईआर के सलाहकार डॉ राम विश्वकर्मा ने बताया कि, ‘कोविड ​​​​-19 के रोगियों के फेफड़ों में देखी गई सिंकिटिया या फ्यूज्ड कोशिकाएं संभवतः SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन की फ्यूजोजेनिक गतिविधि के परिणामस्वरूप होती हैं और निकलोसामाइड सिंकिटिया गठन को रोक सकता है. जिससे कोरोना वायरस की चैन अंदर ही टूट जायेगी और वह प्रभावी नहीं रहेगा.

फिलहाल इस दवा को वैज्ञानिक आशाजनक दवा के रूप में देख रहे हैं. निकलोसामाइड दवा के परीक्षण के लिए पिछले साल अनुमति मिली थी. ड्रग रेगुलेटर से मंजूरी मिलने के बाद इस हफ्ते अलग-अलग जगहों पर क्लीनिकल ट्रायल शुरू कर दिया गया है. जहाँ पहले चरण में इस दवा के काफी प्रभावी परिणाम निकले हैं. दावा

 

देश दुनिया की ख़बरों से अपडेट रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें.

- Advertisement -

More Article

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
- Advertisement -




Latest News