Thursday, September 23, 2021

सीवेज वाटर में पाया गया कोरोना वायरस: बढ़ाएगा और मुश्किल

राष्ट्रीय

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने हालात काफी खराब कर रहे हैं. भले ही पिछले चार दिनों से देश में कोरोना वायरस के नये मामलों की संख्या कम हुई हो लेकिन कोरोना वायरस के बाद जैसे जैसे हालात बिगड़ रहे हैं. उससे हर रोज दहशत का माहौल बना हुआ है.  इसी बीच कोरोना वायरस को लेकर के और बुरी खबर सामने आई है.

न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ के सीवेज वाटर में कोरोना वायरस के सैम्पल मिलने की खबर आई है. इस खबर के सामने आने के बाद वैज्ञानिकों से लेकर स्वास्थ्य महकमा तक हिल गया है. कुछ ही समय पहले दावा किया गया था कि कोरोना वायरस हवा में भी फ़ैल चुका है, लेकिन अब खबर आ रही है कि कोरोना वायरस को सीवेज वाटर में भी पाया गया है. पीजीआई माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. उज्ज्वला घोषाल के अनुसार कोरोना वायरस को लेकर आईसीएमआर-डब्लूएचओ द्वारा देश में सीवेज सैंपलिंग शुरू की गयी है. जिसमें देशभर के कई शहरों के सीवेज वाटर के नमूने लेकर उनकी टेस्टिंग की जा रही है.

इसी में उत्तर प्रदेश के भी कई शहरों के सीवेज वाटर के सैम्पल लिए गये थे. जिसमें लखनऊ भी शामिल है. घोषाल के अनुसार लखनऊ में जिन तीन जगह से सीवेज वाटर के सैंपल लिए गए थे. जिसमें क्षेत्र रूकपुर, दूसरा घंटाघर और तीसरा मछली मोहाल है. इन क्षेत्रों के सीवेज वाटर की जब जांच की गयी तो पता चला कि इनमें भी कोरोना वायरस मौजूद है. लैब में रूकपुर के सीवेज वाटर में वायरस मौजूद था. उधर इस खबर ने सभी को हैरान कर दिया है. दरअसल अगर सीवेज वाटर में कोरोना वायरस मिला है तो इससे बड़ा खतरा बनता दिख रहा है.

क्योंकि हाल में ही बड़ी संख्या में गंगा सहित कई नदियों में शव मिले थे. ऐसे में अगर यह शव भी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के हुए तो पानी में भी संक्रमण फ़ैल सकता है जोकि इससे भी बड़ी तबाही लाएगा. हालाँकि उज्ज्वला घोषाल उन्होंने बताया कि अभी तक इसकी जांच नहीं की गयी है और न ही यह पता चला है कि पानी से कोरोना संक्रमण फैलेगा या नहीं. इसपर भविष्य में अध्ययन किया जाएगा.

देश दुनिया की ख़बरों से अपडेट रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें.

- Advertisement -

More Article

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
- Advertisement -




Latest News