August 11, 2020
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आवश्यक वस्तु अधिनियम की लिस्ट से हटा मास्क-सैनिटाइज़र: बढ़ सकता है आपकी जेब पर बोझ

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस की दस्तक एक साथ ही इसके बचाव के लिए मास्क और सैनिटाइज़र के प्रयोग पर सरकार ने जोर दिया था. साथ ही इसकी कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने के लिए इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम की लिस्ट में डाल कर इसके दाम तय कर दिया थे. लेकिन जब देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और लोगों का बाहर निकलना जारी है तो सरकार ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम की लिस्ट से हटा दिया है. जिसका  विरोध भी हो रहा है.

बतादें कि देश में कोरोना वायरस के मामले साढ़े सात लाख के करीब पहुँच चुके हैं और हर रोज 20 हजार से अधिक कोरोना वायरस के नये मामले दर्ज किये जा रहे हैं. कोरोना वायरस के दौर में देश में मार्च से लगे लॉकडाउन को धीर धीरे कर हटाया जा रहा है और सावधानी के साथ लोग घरों से निकलकर अपने काम में व्यस्त होने लगे हैं.

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ऐसे में जब बड़े पैमान पर लोग घरों से निकल रहे हैं तो मार्केट में मास्क और सैनिटाइज़र की मांग भी बढ़ने लगी है. ऐसे में सरकार ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम की लिस्ट से हटाते हुए इसकी काल्बाजारी और मुनाफाखोरी का रास्ता खोल दिया है. जब तक इन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम की लिस्ट में नहीं डाला गया था तबतक मास्क और सैनिटाइज़र की कीमतें अचानक बढ़नी शुरू हो गयी थी. मामूली मास्क भी मेडिकल स्टोर पर                 सौ रुपए से कम का नहीं मिल रहा था. जिसके बाद सरकार ने इन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम की लिस्ट में डाल कर इनकी कीमतों को निर्धारित कर दिया था. वहीँ अब एक जुलाई को सरकार ने इन्हें आवश्यक वस्तु अधिनियम की लिस्ट से हटा दिया है.

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जिसका सैनिटाइज़र और मास्क बनाने वाली कंपनियों ने विरोध भी किया है. इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (AiMeD)ने कन्ज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा था कि देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में 2-3 ply मास्क को अगले 6 महीने तक जरूरी सामान की लिस्ट में ही रखना चाहिए. लेकिन सरकार इन इस सलाह को नहीं माना. AIMED ने सरकार से 30 जून को ही कहा था कि जैसे ही अनलॉक शुरू हुआ है और लोग बाहर निकलने लगे हैं, ऐसे में मास्क और सैनेटाइजर की डिमांड बढ़ी है.

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AiMeD के फॉरम कॉर्डिनेटर राजीव नाथ ने एक मीडिया हाउस से बात करते हुए बताया कि हमने इनके दामों पर कैप लगाने की भी बात की थी. लेकिन अब जब इन्हें जरूरी सामान की लिस्ट से हटाया गया है, तो फिर मास्क और सैनेटाइजर के दाम बढ़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि मास्क और सैनेटाइजर की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ सकती है.

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