Somnath Temple : 20 सालों में सबसे ज़्यादा सर्च किया गया सोमनाथ मंदिर, पीएम मोदी के दर्शन के बाद बढ़ी वैश्विक दिलचस्पी

नई दिल्ली:

Somnath Temple News : देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल सोमनाथ मंदिर ने एक नया डिजिटल रिकॉर्ड बनाया है। बीते 20 वर्षों में यह मंदिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सबसे ज़्यादा सर्च किए जाने वाले धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया है। विश्लेषक कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ दर्शन के बाद मंदिर को लेकर देश और दुनिया में लोगों की दिलचस्पी में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है।

भारत के वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने इसको लेकर अपने ट्विटर पर लिखा.

20 सालों में सबसे ज़्यादा सर्च किया गया सोमनाथ मंदिर. ये सिर्फ़ आंकड़ा नहीं, ये भारत की जागृत आस्था, पुनर्जीवित विरासत और वैश्विक मंच पर उभरते नए भारत की पहचान है। इसे मोदी इफेक्ट ही कहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ दर्शन के बाद पूरी दुनिया में सोमनाथ मंदिर के बारे में सर्च किया जा रहा है. भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों पर गर्व के साथ आगे बढ़ रहा है.

डिजिटल ट्रेंड्स पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद सोमनाथ मंदिर से जुड़े कीवर्ड्स की सर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। न केवल भारत में, बल्कि अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में रहने वाले भारतीयों के बीच भी सोमनाथ मंदिर को लेकर सर्च ट्रेंड बढ़ा है।

पीएम मोदी के दर्शन के बाद बढ़ी सर्च ट्रेंड

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद सोशल मीडिया और सर्च इंजन प्लेटफॉर्म्स पर सोमनाथ मंदिर चर्चा के केंद्र में आ गया। मंदिर के इतिहास, वास्तुकला, ज्योतिर्लिंग परंपरा और धार्मिक महत्व से जुड़ी जानकारियां लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर खोजी गईं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड केवल एक धार्मिक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति बढ़ती जागरूकता को भी दर्शाता है। यही कारण है कि इस बदलाव को ‘मोदी इफेक्ट’ के रूप में देखा जा रहा है।

PM Narendra Modi Somnath Mandir

आस्था और विरासत का प्रतीक है सोमनाथ

सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है और इसका इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। यह मंदिर कई बार विध्वंस और पुनर्निर्माण का साक्षी रहा है। आज यह मंदिर भारत की अडिग आस्था और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक जानकारों का कहना है कि सोमनाथ मंदिर का बार-बार पुनर्निर्माण भारतीय समाज की उस मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें आस्था और आत्मसम्मान को किसी भी परिस्थिति में समाप्त नहीं होने दिया गया।

वैश्विक मंच पर उभरता नया भारत

सोमनाथ मंदिर को लेकर बढ़ती वैश्विक सर्च ट्रेंड इस बात का संकेत है कि भारत अब अपनी सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है। सरकार द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के विस्तार का असर भी इस बढ़ती रुचि में दिखाई देता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और सोमनाथ जैसे स्थलों का पुनर्विकास देश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दे रहा है। इसके साथ ही भारत को एक प्राचीन लेकिन जीवंत सभ्यता के रूप में वैश्विक पहचान मिल रही है।

20 सालों में सबसे ज़्यादा सर्च किया गया सोमनाथ मंदिर सिर्फ़ एक डिजिटल आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह भारत की जागृत आस्था, पुनर्जीवित विरासत और बदलती वैश्विक छवि का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ दर्शन के बाद बढ़ी अंतरराष्ट्रीय दिलचस्पी को विशेषज्ञ ‘मोदी इफेक्ट’ के रूप में देख रहे हैं, जहां भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों पर गर्व के साथ आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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