Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में पहली बार 24 घंटे रोशनी का इंतजाम, गंगा-यमुना के संगम पर दिखेगी अद्भुत चमक

महाकुंभ के इस आयोजन में भव्यता और दिव्यता के साथ रोशनी का भी खास इंतजाम रहेगा। मेले में शाम के समय में गंगा और यमुना की पावन धाराओं को चमचमाती रोशनी और...

Prayagraj Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के इस आयोजन में भव्यता और दिव्यता के साथ रोशनी का भी खास इंतजाम रहेगा। मेले में शाम के समय में गंगा और यमुना की पावन धाराओं को चमचमाती रोशनी और भी अलौकिक रूप देगी। इस मनोहारी दृश्य का अनुभव श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के कर सकें, इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक अनोखी पहल की है। इस बार पूरे मेला क्षेत्र में पहली बार 40 हजार से अधिक रिचार्जेबल लाइट्स का उपयोग किया जा रहा है, जो 24 घंटे प्रकाश सुनिश्चित करेंगी।

रिचार्जेबल बल्बों की विशेषता यह है कि ये स्वयं चार्ज होते रहते हैं और बिजली जाने पर भी जलते रहते हैं। यदि किसी तकनीकी समस्या या अन्य कारणों से बिजली चली जाती है, तब भी ये बल्ब अंधेरे को रोकते हैं। मेला क्षेत्र के विद्युत विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता अनूप कुमार सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष 4.5 लाख कनेक्शनों में से 10 प्रतिशत यानी करीब 40 से 45 हजार रिचार्जेबल बल्बों का उपयोग किया जाएगा।

इन बल्बों में एक इनबिल्ट बैटरी होती है, जो सामान्य बिजली रहने पर चार्ज होती रहती है और बिजली जाने की स्थिति में यह बैटरी बल्ब को जलाए रखती है। इससे हर कैंप में रोशनी बनी रहेगी। इसके अतिरिक्त बैकअप लाइट्स की व्यवस्था के लिए जेनरेटर सेट भी तैयार रहेंगे ताकि बिजली एक से दो मिनट में बहाल हो सके। इस दौरान भी जीरो लाइट्स की स्थिति नहीं होने दी जाएगी।

2.7 करोड़ रुपये की लागत

महाकुंभ आयोजन में इस बार करीब 2.7 करोड़ रुपये की लागत से ये रिचार्जेबल बल्ब लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, 67 हजार नॉर्मल लाइट्स के अतिरिक्त 2 हजार सोलर हाइब्रिड लाइट्स भी लगाई जाएंगी, जो सूर्य की किरणों से चार्ज होती हैं और बिजली जाने पर बैटरी से रोशनी देती हैं।

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